विदेशी खाता धारकों की जानकारी बताने से मोदी सरकार का फिर इनकार

by Rahul Gautam 5 months ago Views 1731
Modi government again refuses to disclose informat
पीएम मोदी को केंद्र सरकार का कामकाज संभाले हुए छह साल बीत चुके हैं, लेकिन उनके किए गए वादों पर अमल होना अभी तक बाक़ी है. उनके सबसे बड़े वादों में शामिल था , विदेशों में जमा काला धन वापस लाना , और भ्रष्टाचार पर लगाम कसना. मगर केंद्र सरकार अब विदेशों में पैसा रखने वाले खाताधारकों का नाम साझा करने से भी मना कर रही है.

मई 2014 में दिल्ली की गद्दी पर क़ब्ज़ा जमाने से पहले चुनावी रैलियों में पीएम मोदी ने विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के सपने दिखाए थे. मगर छह साल बाद यह वादा महज़ सपना बनकर रह गया है. विदेशों में जमा काला धन वापस लाना तो दूर, वित्त मंत्रालय ने विदेशी बैंकों में पैसा रखने वालों की पहचान बताने से भी मना कर दिया है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के पत्रकार ने आरटीआई दायर करके वित्त मंत्रालय से पूछा था कि आखिर वे कौन भारतीय हैं जिनके स्विस बैंक में खाते हैं। मगर वित्त मंत्रालय ने गोपनीयता कानून का हवाला देते हुए खाताधारकों की पहचान बताने से मना कर दिया. वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह जानकारी साझा करना विदेशी सरकारों से साथ हुए क़रारनामों के खिलाफ होगा।

यह पहली बार नहीं है कि जब सरकार ने काला धन या इसके खाताधारकों से जुड़ी जानकारी बताने से मना किया है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसी साल 2 दिसंबर को लोकसभा में कहा था कि विदेशों में जमा काला धन के बारे में सरकार के पास आंकड़ा नहीं है.

वीडियो देखिये

वित्त मंत्रालय का यह जवाब बताता है कि सरकार विदेशों में जमा काला धन को लेकर कुछ ख़ास कार्रवाई नहीं कर सकी है. पीएम मोदी अब चुनावी मंचों से काला धन वापस लाने का ज़िक्र भी नहीं करते. काला धन का ज़िक्र आख़िरी बार पीएम मोदी ने संभवत: 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी लागू करते वक्त किया था.