कई आरोप, क्या सर्च बाज़ार में मोनोपोली कर रहा है Google ?

by M. Nuruddin 3 months ago Views 1405

Many allegations, is Google doing monopoly in the
गूगल और सीसीआई या कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया के बीच कोर्टरूम की लड़ाई ख़त्म होती दिख रही है। 2019 में गूगल पर लगे आरोपों की जांच जारी है और इस बीच गूगल ने सीसीआई पर कॉन्फीङेंशियल जानकरी लीक का आरोप लगाया है। 

इस मामले पर सोमवार को सीसीआई ने कोर्ट को बताया कि उसने जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया में लीक नहीं की।


अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी गूगल पर आरोप है कि कंपनी ने भारत में अपने एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करते हुए, अपनी "विशाल वित्तीय ताकत" का ग़लत इस्तेमाल किया।

रॉयटर्स और टाइम्स ऑफ इंडिया ने मिलकर इसी महीने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें गोपनीय सीसीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि नियामक की जांच में पाया गया कि अमेरिकी टेक दिग्गज ने भारत में अपने एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करते हुए, अपनी "विशाल वित्तीय ताकत" का ग़लत इस्तेमाल किया है।

इसी रिपोर्ट के बाद गूगल ने सीसीआई के ख़िलाफ कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें कंपनी ने कोर्ट से मामले की जांच से जुड़ी जानकरियों को सीसीआई को गोपनीय रखने के आदेश देने की मांग की थी।

सोमवार को, जस्टिस रेखा पल्ली ने कोर्ट में कहा कि सीसीआई वॉचडॉग, टेक कंपनी के बीच जांच से जुड़ी जानकारियों को गोपनीय रखने पर सहमत हो गया है। 

जस्टिस पल्ली ने कहा कि अगर Google को "अभी भी कोई जानकारी लीक होने की शिकायत है", तो वो कानूनी सहारा ले सकता है।

हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि सीसीआई ने गूगल के इन आरोपों को ग़लत बताते हुए खारिज कर दिया कि उसने मीडिया में कोई जानकारी लीक की।

रॉयटर्स ने काउंटरपॉइंट रिसर्च के हवाले से बताया है कि भारत में कुल 520 मिलियन स्मार्टफोन्स में 98 फीसदी में एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम हैं।

भारत में गूगल, भुगतान ऐप और स्मार्ट टेलीविजन बाज़ारों से जुड़े मामलों में कई जांचों का सामना कर रहा है।

सीसीआई ने ही आरोप लगाया कि Google देश में अपने मोबाइल भुगतान ऐप को ग़लत तरीके से बढ़ावा देने के लिए अपने बाजार की स्थिति का दुरुपयोग कर रहा है। 

साथ ही कंपनी पर स्मार्ट टेलीविजन बाज़ार में एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम की स्थिति का दुरुपयोग कर बाज़ार में मोनोपोली करने के भी आरोप लगे।

गूगल पर एकाधिकार के कई आरोप 

गूगल की गोपनीय जानकरी लीक होना कंपनी के लिए एक बड़े झटके की तरह है। मसलन कंपनी के ख़िलाफ कई देशों में मामले चल रहे हैं।

कंपनी के ख़िलाफ अलग-अलग आरोपों में यूरोप, अमेरिका और अन्य जगहों पर जांच की गई है। कंपनी पर इसी तरह के आरोप अमेरिका के जस्टिस ङिपार्टमेंट ने भी लगाया था। 

अमेरिकी जस्टिस ङिपार्टमेंट ने "सामान्य सर्च सर्विसेज़ और सर्च एडवर्टाइजिंग में गैरकानूनी रूप से एकाधिकार बनाए रखने और यू.एस. अविश्वास कानूनों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज कराया था।

ङिपार्टमेंट ने आरो लगाया था कि, गूगल डिवाइस निर्माताओं, वायरलेस कैरियर और ब्राउज़र डेवलपर्स को बड़ी मात्रा में पैसे का भुगतान करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी मोबाइल फोन में गूगल के सभी फीचर्स प्री-इंस्टॉल हो।

अमेरिका के 60 फीसदी सर्च रिजल्ट पर गूगल का क़ब्ज़ा

जस्टिस ङिपार्टमेंट के मुताबिक गूगल के इस समझौते से अमेरिका के 60 फीसदी सर्च रिजल्ट पर गूगल का क़ब्ज़ा है।

स्टेटिस्टा के इस आंकङ़े से यू.एस. सर्च मार्केट पर Google का प्रभुत्व वास्तव में एकाधिकार के रूप में कहा जा सकता है।

स्टेटकाउंटर के मुताबिक, यू.एस. में Google की बाजार हिस्सेदारी वर्तमान में डेस्कटॉप उपकरणों पर 81.5 फीसदी और मोबाइल उपकरणों (टैबलेट को छोड़कर) पर लगभग 95 फीसदी है।

भारत में गूगल पर एकाधिकार के आरोप 

भारत में गूगल पर इस तरह के खुलासे तब हुए जब दो भारतीय जूनियर एंटीट्रस्ट रिसर्च एसोसिएट्स और एक कानून के छात्र द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद 2019 में जांच शुरू की गई। 

भारत गूगल के लिए एक प्रमुख बाजार बना हुआ है। गूगल की इक्विटी निवेश और गठजोड़ के माध्यम से देश में अगले पांच से सात सालों में 10 बिलियन ङॉलर ख़र्च करने की योजना है।

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