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ममता बनर्जी: किसानों के सहारे केन्द्र की राजनीति में आने की तैयारी !

by GoNews Desk 5 days ago Views 1367

'पश्चिम बंगाल को आदर्श राज्य के रूप में काम करना चाहिए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाना चाहिए...'

Mamata Banerjee Towards Central Politics With The
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केन्द्र की राजनीति में आने की तैयारी में हैं। कहा जा रहा है कि इसी कड़ी में उन्होंने बुधवार को आंदोलित किसान नेताओं से मुलाक़ात की है। मीटिंग में भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह ने हिस्सा लिया। ममता ने यह मीटिंग किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिये बुलाई थी। 

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता केन्द्रीय नीतियों में राज्य के दख़ल की वक़ालत की है। उन्होंने कहा कि एक प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए जहां राज्य नीतिगत मुद्दों पर बातचीत कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य को इससे बाहर रखना संघीय सरकार के लिए ठीक नहीं है। 


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और किसान नेताओं के बीच यह मीटिंग तब हुई है जब तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पार्टी को राज्य सीमाओं के बाहर फैलाने की योजना बनाई है। राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान भी किसानों ने राज्य में 'नो वोट टू बीजेपी' अभियान चलाया था। माना जाता है कि किसानों के इस अभियान का भी ममता बनर्जी की पार्टी को चुनाव में फायदा हुआ है।

मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों को समर्थन देने का ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने केन्द्र पर भी निशाना साधा और कहा, 'भारत उन नीतियों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है जिससे कोरोना से निपटने में मदद मिलेगी और जो किसानों और उद्योग की सहायता के लिए बनाई जाएगी।' मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए हैं कि, आख़िर 'किसानों से बात करना इतना मुश्किल क्यों है?'

ग़ौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं और अलग-अलग जगहों पर केन्द्र के नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों का मानना है कि नए क़ानूनों से छोटे किसानों को रिटेल और इंडस्ट्री के शोषण से पर्याप्त सुरक्ष मिले बिना कृषि का व्यवसायीकरण हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'भाजपा शासण स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर किसानों और उद्योग तक सभी क्षेत्रों के लिए विनाशकारी रहा है। भारत पीड़ित है ... हम प्राकृतिक और राजनीतिक दोनों आपदाओं का सामना कर रहे हैं।' मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि किसानों ने उनसे इस मुद्दे पर राज्य के अन्य नेताओं से बातचीत का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि, 'किसान आंदोलन सिर्फ पंजाब, हरियाणा या उत्तर प्रदेश के लिए नहीं है। यह पूरे देश के लिए है।' मुख्यमंत्री ममता ने यह भी कहा कि राज्यों को नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए एक साथ आना ज़रूरी है।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मीटिंग के बाद कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगी। इस आश्वासन के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को आदर्श राज्य के रूप में काम करना चाहिए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाना चाहिए।

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