महाराष्ट्र: अमरावति में फिर हिंसा; शुक्रवार की हिंसा के लिए 20 गिरफ्तार, 4 हिरासत में

by M. Nuruddin 7 months ago Views 2311

मुंबई के भिंडी बाज़ार, मोहम्मद अली रोड, कुर्ला के साथ-साथ ठाणे के मुंब्रा और भिवंडी सहित मुस्लिम बहुल इलाकों में सबकुछ पूरी तौर से बंद रहा...

Maharashtra: Violence again in Amravati; 20 arrest
त्रिपुर हिंसा के विरोध में शुक्रवार के बंद के बाद शनिवार, 13 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से महाराष्ट्र के अमरावति ज़िले में बंद का आह्वान किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी जहां बैनर और भगवा झंडों के साथ नारेबाजी की गई। भाजपा की तरफ से बुलाए गए बंद ने देखते देखते हिंसक रूप अख़्तियार कर लिया और इलाकें पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई।

इससे पहले शुक्रवार को त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान नांदेड़, अमरावती और नासिक के मालेगांव  से पथराव की मामूली घटनाएं सामने आई थी।


एक अधिकारी ने कहा कि भगवा निकाय द्वारा आयोजित बंद के दौरान शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती शहर में भीड़ ने विभिन्न स्थानों पर पथराव किए और दुकानों में तोड़फोड़ किया है, जिसके बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।

राज्य की राजधानी मुंबई से लगभग 670 किलोमीटर दूर स्थित महाराष्ट्र के इस पूर्वी शहर के राजकमल चौक इलाक़े में सैकड़ों लोग, जिनमें से कई ने हाथों में भगवा झंडा लिए, नारे लगाते हुए सड़कों पर उतर आए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ के कुछ सदस्यों ने राजकमल चौक इलाके और कुछ अन्य जगहों पर दुकानों पर पथराव किया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया।

द हिंदू दैनिक के मुताबिक़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरावती में विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।

अमरावति में शुक्रवार को हुई हिंसा, 11 एफआईआर, 10 गिरफ़्तार

लोकल पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ शुक्रवार को आठ हज़ार से ज़्यादा लोग अमरावती ज़िला कलेक्टर कार्यालय के बाहर त्रिपुरा हिंसा के संबंधन में एक मेमोरेंडम या ज्ञापन सौंपा था जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ हिंसा बंद करने की मांग की गई थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वे लोग ज्ञापन सौंपने के बाद वापस जा रहे थे तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के चित्रा चौक और कोटन बाज़ार के बीच तीन जगहों पर पथराव हुए थे। कोतवाली पुलिस ने अबतक दंगा सहित विभिन्न आरोपों में 11 एफआईआर दर्ज किए हैं और इस मामले में अबतक दस लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक़, ‘किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की दो कंपनियों सहित अतिरिक्त पुलिस बल को अमरावती में तैनात किया गया है और अब (ख़बर लिखे जाने तक) हालात शांतिपूर्ण हैं।

नासिक के मालेगांव में भी हुई हिंसा, 3 एफआईआर, 10 गिरफ्तार

नासिक ज़िला का मालेगांव शहर सांप्रदायिक रूप से एक संवेदनशील शहर है। यहां शुक्रवार की घटना के बाद भी राज्य की पुलिस ने लाठीचार्ज की थी और शुक्रवार की घटना में एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ किया गया था। हिंसा में मालेगांव में तीन अधिकारियों सहित कम से कम दस पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

एक लोकल मीडिया आउटलेट द न्यूज़ के मुताबिक़ त्रिपुरा हिंसा के विरोध में शुक्रवार को कुछ मुस्लिम संगठन द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान सहारा हॉस्पिटल और मालेगांव के न्यू बस स्टैंड तक में पथराव हुए थे और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थी। सहारा हॉस्पिटल और न्यू बस स्टैंड का यह 70 मीटर का ऐतराफ है जहां हिंसा हुई।

द न्यूज़ दैनिक के मुताबिक़ एक लोकल पुलिस अधिकार ने बताया कि मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई है और दस लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस सीसीटीवी के अन्य स्त्रोतों से आरोपियों की पहचान कर रही है।

मराठवाड़ा के नांदेड़ में हिंसा, 3 एफआईआर, चार गिरफ्तार

लोकल मीडिया के मुताबिक़ नांदेड़ में हुए पथराव में आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ यहां भीड़ ने चार वाहनों में तोड़फोड़ की थी। लोकल पुलिस अधिकारी ने बताया कि अज्ञान लोगों के ख़िलाफ़ तीन एफआईआर दर्ज की गई है और चार लोग हिरासत में लिए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाशिम इलाके में दो और यवतमाल में हिंसा के लिए एक एफआईआर दर्ज की गई है और अब हालात शांतिपूर्ण है।

हिंसा के लिए बीजेपी ज़िम्मेदार: लोकल नेता

शिवसेना सांसद संजय राउत और मंत्री अब्दुल सत्तार, कांग्रेस के अशोक चव्हाण, एनसीपी के नवाब मलिक, एआईएमआईएम सांसद सैयद इम्तियाज जलील ने शनिवार के बंद में हिंसक घटनाओं के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना की।

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्य सरकार से क़ानून व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया और तीन शहरों में शुक्रवार को हुई हिंसा की निंदा की।

त्रिपुरा हिंसा के विरोध में बंद का आह्वान

त्रिपुरा हिंसा के विरोध में मुंबई के मुंब्रा स्थित मुस्लिम संगठन रज़ा एकेडमी ने बंद का आह्वान किया था। रज़ा एकेडमी ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर ज़ोर दी थी और यह भी अपील की गई थी किसी भी दुकानों को जबरन बंद नहीं कराया जाएगा।

मुंबई के भिंडी बाज़ार, मोहम्मद अली रोड, कुर्ला के साथ-साथ ठाणे के मुंब्रा और भिवंडी सहित मुस्लिम बहुल इलाकों में सबकुछ पूरी तौर से बंद रहा। लोकल पुलिस के मुताबिक़ शुक्रवार को मुंब्रा या भिवंडी से न तो कोई शिकायत मिली और न ही हिंसा की कोई घटना सामने आई है।

मुस्लिम संगठन रज़ा एकेडमी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को त्रिपुरा हिंसा मामले में एक मेमोरेंडम या ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मांग की गई थी कि त्रिपुरा में हिंसा से प्रभावित लोगों को मुआवज़ा दिया जाना चाहिए और जो मस्जिदें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनका पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।

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