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मध्य प्रदेश: चुनाव आयोग पंहुचा सुप्रीम कोर्ट, लोगों के बीच चुनाव प्रचार पर हाई कोर्ट के प्रतिबंध के खिलाफ दायर की याचिका

by Ankush Choubey 6 months ago Views 1721

Madhya Pradesh: Election Commission reached Suprem
मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर रहे उपचुनावों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. चुनाव आयोग ने शारीरिक रूप से चुनाव प्रचार को प्रतिबंधित करने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. चुनाव आयोग ने कहा है कि हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच का आदेश वोटिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है. चुनाव आयोग की याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव कराना उसका डोमेन है और हाईकोर्ट का आदेश मतदान प्रक्रिया को बाधित करेगा.

चुनाव आयोग के आवला ग्वालियर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी दायर कर इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की.  याचिका में तर्क दिया गया है कि वर्चुअल सभा का आदेश देकर हाई कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर काम किया है.चुनाव आयोग ने अपनी अर्जी में कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश से उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी.


दरअसल, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार को प्रतिबंधित कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि रैलियों  की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब वर्चुअल मीटिंग संभव न हो. आयोग ने अपनी याचिकाओं में यह भी कहा है कि पहले से ही कोरोना महामारी के दौरान चुनाव कराने के दिशा-निर्देश पहले ये तय हैं और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए.

इसी वजह से गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया की दो-दो सभाएं रद कर दी गई थीं. शिवराज सिंह ने गुरुवार दोपहर कहा था कि वो न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन इस फैसले के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं, क्योंकि एक देश में दो विधान जैसी स्थिति हो गई है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के एक हिस्से में रैली एवं सभा हो सकती है, दूसरे हिस्से में नहीं हो सकती.

उन्होंने कहा कि बिहार में सभाएं हों रही हैं, रैलियां हो रही हैं लेकिन मध्य प्रदेश के एक हिस्से में सभाएं नहीं हो सकती. इस फैसले के संबंध में हम न्याय की प्राप्ति के लिए सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं, हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा. बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होना है.

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