अमेठी की मां-बेटी ने लखनऊ में सीएम ऑफिस के बाहर ख़ुदकुशी की कोशिश की, लीपापोती का दौर शुरू

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2608

Lucknow: Mother-daughter duo attempts self-immolat
स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी की एक मां-बेटी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने पहुंचकर ख़ुद को आग के हवाले कर दिया. मां बेटी की शिक़ायत के मुताबिक 9 मई को नाली को लेकर हुए झगड़े में गांव के दबंगों ने उन्हें पीटा मगर अमेठी की जामो पुलिस इंसाफ़ करने की बजाय दबंगों के साथ खड़ी हो गई.

यही वजह है कि उन्हें इंसाफ़ के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर पहुंचकर ख़ुदकुशी की कोशिश की. इस वारदात ने 2017 के उन्नाव गैंगरेप कांड की याद ताज़ा कर दी है जब एक बलात्कार पीड़िता ने इंसाफ़ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के बाहर पहुंचकर ख़ुदकुशी की कोशिश की थी.


इस हादसे में सफ़िया बानो 80 फ़ीसदी तक जल गई हैं और उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है. उनकी बेटी गुड़िया 40 फ़ीसदी तक जली हुई है जिसकी हालत ख़तरे के बाहर है. वहीं अमेठी पुलिस ने जामो पुलिस के एसओ, हल्का प्रभारी समेत चार पुलिसवालों को लाइन हाज़िर कर दिया है और एक एडिशनल एसपी के स्तर की जांच शुरू कर दी है.

इस मामले ने तूल पकड़ लिया तो लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे भी सामने आए. उन्होंने कहा कि यह हादसा एक क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के तहत कुछ लोगों की मिलीभगत से हुआ है. उन्होंने कहा, ‘पता चला है कि यह हादसा एक आपराधिक साज़िश के तहत किया गया है। जिनमें कुछ लोगों ने महिलाओं को उकसाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस मामले में हमने एमआईएम नेता कादिर खान और कांग्रेस नेता अनूप पटेल समेत चार लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है.’ हालांकि पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने यह सफ़ाई नहीं दी कि पीड़ित पक्ष के ख़िलाफ़ ही आरोपियों की तहरीर पर मुक़दमा क्यों क़ायम किया गया.

सफिया और उनकी बेटी का आरोप है कि पिटाई के बाद जब वो रिपोर्ट लिखवाने जामो थाने पहुंची थीं तो वहां पहले से मौजूद दबंगों ने उन्हें धमकाया और फिर उनपर ही मुक़दमा दर्ज करवा दिया. अमेठी एक हाई प्रोफाइल संसदीय क्षेत्र है जिसे यूपी में कांग्रेस का गढ़ माना जाता है.

हालांकि 2019 में आम चुनाव में इस सीट पर राहुल गांधी को स्मृति ईरानी ने मात दे दी थी. इस पूरे मामले पर अमेठी के पूर्व सांसद राहुल गांधी और यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी ने चुप्पी साध रखी है जबकि मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी पुलिस के दावे को सच मानती हैं. ख़ुद को आग लगाने वाली महिलाओं के मामले में उन्हें राजनीतिक बू आती है. उन्होंने भी पीड़ित महिलाओं के लिए एक शब्द नहीं कहा.

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