राज्यों की जीडीपी में बड़ा नुक़सान: एसबीआई रिसर्च

by GoNews Desk 1 year ago Views 2409

Lockdown Impact: Big Losses To States GDP
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है, इसको लेकर पहले स्टेट बैंक और अब रिज़र्व बैंक ने भी एक रिपोर्ट जारी की है।

रिज़र्व बैंक का कहना है कि दूसरी लहर का देश की अर्थव्यवस्था पर उतना असर नहीं पड़ेगा जितना पहली लहर के दौरान हुआ था। लेकिन साथ ही रिज़र्व बैंक ने यह भी कहा कि इसको लेकर अनिश्चितताएं बरक़रार है। 


आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत की विकास संभावनाएं मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती हैं कि अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव को रोक सकती है।

इससे पहले स्टेट बैंक ने अनुमानित आर्थिक नुक़सान को रिवाइज़ कर एक रिपोर्ट जारी की थी और दूसरी लहर के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के 7.3 फीसदी तक सिकुड़ने का अनुमान लगाया था। अपनी हालिया रिपोर्ट में एसबीआई ने यह भी बताया था कि जनवरी से मार्च महीने के दौरान भारत की जीडीपी के 1.3 फीसदी तक विस्तार होने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कोरोना लॉकडाउन की वजह से राज्यों के आर्थिक नुक़सान की बात भी बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक़ महाराष्ट्र जिसने सबसे पहले लॉकडाउन का ऐलान किया था, की जीडीपी को 98 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का नुक़सान हो सकता है। 

इनके अलावा तमिलनाडु जो करीब पांच महीने से लॉकडाउन में है कि जीडीपी को 56,712 करोड़ रूपये के नुक़सान की आशंका है। वहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की जीडीपी में क्रमश: 53 हज़ार करोड़, 46 हज़ार करोड़ और 41 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का नुक़सान हो सकता है।

जबकि पश्चिम बंगाल को 37,252 करोड़ और राजधानी दिल्ली की जीडीपी को 29,589 करोड़ रूपये का नुक़सान उठाना पड़ सकता है।
इसी तरह राजस्थान की जीडीपी में 29,548 करोड़, तेलंगाना की जीडीपी को 28,470, मध्य प्रदेश की जीडीपी को 27,915, आंध्र प्रदेश की जीडीपी को 27, 616 और हरियाणा और केरल की जीडीपी को 21,877 और 21,607 करोड़ रूपये का नुक़सान हो सकता है। 

वहीं छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की जीडीपी में नुक़सान 1000 करोड़ से कम हैं। इन राज्यों में क्रमश: 9,446, 8,897, 6,855 और 4,245 करोड़ रूपये के नुक़सान की आशंका है। 

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