लखीमपुर: भाजपा मंत्री के बेटे पर मर्डर केस, आख़िर कैसे हुई हिंसा ?

by GoNews Desk 8 months ago Views 1708

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर अपने एक धमकी भरे बयान में कथित तौर पर “अपने कार्यकर्ताओं से लट्ठ इकट्ठा करने की सलाह दी थी।”

Lakhimpur: Murder case on BJP minister's son, how
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार शाम हुई हिंसा मामले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीश मिश्र पर किसानों ने मर्डर केस दर्ज कराया है। गृह राज्य मंत्री के बेटे के अलावा 14 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों की मौत हो गई है। इनके अलावा चार बीजेपी कार्यकर्ताओं के हिंसा में मारे जाने की ख़बर है और कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

लखीमपुर में तैनात एडीजी प्रशांत कुमार के मुताबिक़ दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कराए गए हैं। हालांकि एफआईआर की कॉपी न ही उत्तर प्रदेश पुलिस के ट्विटर हैंडल पर और ना ही लखीमपुर पुलिस के आधिकारिक हैंडल पर साझा किया गया है। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि इस मामले पर पुलिस प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को जानकारी देगी, क्योंकि ज़िले में इंटरनेट सेवा को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है।


लखीमपुर हिंसा में आठ की मौत, चार किसान शामिल

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का भारी संख्या में किसान विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान हुई हिंसा में किसान और बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। मृतकों में चार लोग कार में सवार थे जो ज़ाहिर तौर पर मंत्री के स्वागत में भाजपा कार्यकर्ताओं के क़ाफिले का हिस्सा थे। अधिकारियों का आरोप है कि उनकी पीटने की वजह से मौत हुई।

वहीं मृतकों में चार किसान हैं जिनकी कथित तौर पर कार से कुचले जाने की वजह से मौत हो गई। ग़ौरतलब है कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के उस बयान से किसान नाराज़ थे जिसमें उन्होंने लगभग एक साल से जारी किसान प्रदर्शन को “10-15 लोगों का विरोध” बताया था।

“सुधर जाओ...नहीं तो 2 मिनट का वक्त लगेगा” - अजय मिश्र

मंत्री अजय मिश्र ने अपने एक धमकी भरे बयान में कहा था कि, “अगर कृषि क़ानून ख़राब होते तो आंदोलन को पूरे देश में फैल जाना चाहिए था। 10-15 लोग शोर मचाते हैं, मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि, “सुधर जाओ...नहीं तो 2 मिनट का वक्त लगेगा।”

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डॉक्टर दर्शनपाल ने कहा, ‘डिप्टी सीएम के लखीमपुर दौरे के विरोध में हेलिपैड का घेराव करने के बाद ज़्यादातर किसान वापस जा रहे थे लेकिन तीन कारें आईं…और किसानों को कुचल दिया… जिसमें एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने मंत्री के बेटे के कार में होने का दावा किया है।

हालांकि भाजपा के मंत्री ने इस दावे को ख़ारिज किया है और कहा कि उनके बेटे को हिंसा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि, "मेरा बेटा मौके पर मौजूद नहीं था। कुछ बदमाशों ने कार्यकर्ताओं पर लाठियों और तलवारों से हमला किया। अगर मेरा बेटा वहां होता, तो वो ज़िंदा नहीं निकलता।"

केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा, "वे किसानों के बीच बदमाश थे। किसान आंदोलन की शुरुआत के बाद से, बब्बर खालसा सहित कई आतंकी संगठन अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना उसी का परिणाम है।” अजय मिश्र ने कथित “किसानों के बीच में छिपे उपद्रवियों” पर पहले हमले का आरोप भी लगाया है।

“कर लो लट्ठ इकट्ठा” - मनोहर लाल खट्टर

इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को उनके पद से बर्ख़ास्त करने की मांग की है। इस चिट्ठी में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी उनके धमकी भरे बयान पर उनको पद से हटाने की मांग की गई है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर अपने एक धमकी भरे बयान में कथित तौर पर “अपने कार्यकर्ताओं से लट्ठ इकट्ठा करने की सलाह दी थी।”

पुलिस प्रशासन के मुताबिक हिंसा प्रभावित ज़िले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसमें चार या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। साथ ही आदेश में “पंजाब राज्य से किसी भी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में घुसने की अनुमति नहीं देने की बात भी कही गई है।”

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