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कुंभ 'कोरोना स्प्रेडर' कई साधु-संतों की संक्रमण से मौत, रैंडम टेस्टिंग में 2000 से ज़्यादा संक्रमित

by GoNews Desk 3 weeks ago Views 1644

कई संत नहीं चाहते कि मेले की अवधि एक महीने से कम हो, इसलिए कुछ कहा नहीं जा सकता...

haridwar kumbh

कुंभ मेले में शामिल होंने वाले संतों का कोरोना संक्रमित होंना और फिर इससे मौत का सिलसिला जारी है. शनिवार को जबलपुर नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडेलश्वर डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य महाराज की कोरोना से मौत हो गई है जबकि 80 साधु संक्रमित पाए गए हैं. देवाचार्य महाराज हाल ही में कुंभ पहुंचे थे और वहां से कोरोना की चपेट में आ गए. मध्य प्रदेश के निर्वाणी अखाड़ा से जुड़े स्वामी कपिल देव की भी गुरुवार को कोरोना के कारण मृत्यु हो गई है. उनके अलावा बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित महंत और संत कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं.

मेला प्रशासन के पास हालांकि मेले में आए लोगों के कोरोना संक्रमित होने और इससे मौत का कोई आंकड़ा नहीं है लेकिन एक उच्च अधिकारी ने एक समाचार पत्र से 5 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक 68 प्रतिष्ठित संतों के संक्रमित होंने की पुष्टि की हैं. इनमें ऑल इंडिया अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी भी शामिल है. कुछ दिनों पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी महंत नरेंद्र गिरी से मिले और फिर संक्रमित पाए गए.

  विशेषज्ञ पहले ही चेता चुके हैं कि कुंभ में भाग लेने वाले संत एवं अन्य लोग जब मेले से देशभर में वापस जाएंगे तो वह संक्रमण के ‘सुपर स्प्रेडर’ साबित हो सकते हैं. इसकी एक झलक यहीं दिख जाती है कि उत्तराखंड खासकर हरिद्वार में कुंभ मेले की शुरूआत से अब तक कोरोना के नए मामलों में बड़ा उछाल देखा गया है.

एक उच्च अधिकारी ने बताया कि सोमवार से अब तक मेला परिसर में रेंडम टेस्टिंग के दौरान 2,000 से अधिक लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया है. ऐसे में कुंभ को समय से पहले खत्म करने की बीत की जा रही है लेकिन महामारी के बेकाबू होते हालातों के बावजूद आलम ये है कि अभी तक कुंभ मेले को रोकने को लेकर अखाड़ों और केंद्र सरकार की कोई एक राय नहीं बन पाई है. यहां तक कि उत्तराखंड सरकार ने कोरोना के नए नियमों के तहत राज्य में 200 लोगों से अधिक के इकट्ठा होंने पर पाबंदी लगा दी है लेकिन हरिद्वार कुंभ को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है.

 कोविड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के चलते निरंजनी अखाड़ों ने आज से कुंभ में अपनी भागीदारी को खत्म करने का एलान किया है. इसके बाद एसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई और प्रमुख अखाड़े भी कुंभ मेले में अपनी गतिविधियों की समाप्ति की घोषणा कर सकते हैं. केंद्र सरकार और अखाड़ों में कुंभ मेले को खत्म करने को लेकर कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है लेकिन कई भाजपा नेताओं ने मेले में शामिल सभी 13 अखाड़ों के साथ मीटिंग कर उनसे किसी फैसले पर पहुंचने के लिए कहा है. इनमें से दो अखाड़े मेले को खत्म करने का एलान कर चुके हैं.

एक बीजेपी नेता ने बताया कि अधिकतर अखाड़े कुंभ मेला समाप्त करने के लिए तैयार हैं और दो दिनों के अंदर मेला खत्म होंने की संभावना है जबकि एक अन्य बीजेपी नेता ने कहा कि अखाड़ों में विरोधी स्वर गूंज रहे हैं. कई संत नहीं चाहते कि मेले की अवधि एक महीने से कम हो, इसलिए कुछ कहा नहीं जा सकता.

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