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यूपी में गिरफ्तार CFI के सदस्यों पर राजद्रोह का मुक़दमा, सीएए विरोधी हिंसा में शामिल होने का भी आरोप

by M. Nuruddin 6 months ago Views 1131

Kerala journalist and CFI members accused of sedit
केरल के एक पत्रकार और तीन सीएफआइ या कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्यों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के बाद अब राजद्रोह और कई गंभीर आरोपों में मुक़दमा दर्ज किया गया है। इनमें एक आरोपी के ख़िलाफ सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के एक मामले मुज़फ्फरनगर पुलिस ने भी मामला दर्ज किया है। दिल्ली से हाथरस जा रहे इन आरोपियों को यूपी पुलिस ने मथुरा में गिरफ्तार किया था।

हाथरस के चंदपा थाने में दर्ज मामलों में आरोप लगाया गया कि दलित लड़की की कथित गैंगरेप और मौत को लेकर ये लोग यूपी सरकार को बदनाम करने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साज़िश रच रहे थे। इनमें पत्रकार सिद्दीक कप्पन, और सीएफआई सदस्य अतीक-उर-रहमान, मसूद अहमद और आलम कथित रूप से शामिल थे। बता दें कि सीएफआइ, कट्टरपंथी संगठन पीएफआइ या पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की ही छात्र इकाई है।


हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि एक स्थानीय कोर्ट ने चारों के खिलाफ वारंट बी (प्रोडक्शन वारंट) जारी किया है और उन्हें अदालत में पेश होने को कहा है। हालांकि कोर्ट ने यह आदेश मामले की जांच कर रहे चंदपा थाने के एसएचओ लक्ष्मण सिंह द्वारा पेश एक जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया है। उन्होंने कहा, ‘हमने मथुरा जेल अधिकारियों को सभी चार व्यक्तियों के प्रोडक्शन वारंट सौपें हैं। यह मामला दंगे भड़काने की साजिश से जुड़ा है।’

इस बीच मुज़फ्फरनगर पुलिस ने दिसंबर 2019 में सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के एक मामले में अतीक-उर-रहमान के ख़िलाफ मुक़दमा दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक़ अतीक-उर-रहमान मुजफ्फरनगर के ही निवासी हैं। इसको लेकर मुज़फ्फरनगर पुलिस भी अदालत पहुंच गई है और एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप को लेकर उनके प्रोडक्शन वॉरंट की मांग की है।

ज़िले में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच कर रहे एसआइटी के एक अधिकारी ने दावा किया है, ’पिछले साल 20 दिसंबर की हिंसा की जांच करते हुए, हमने पाया कि अतीक-उर-रहमान घटनास्थल पर मौजूद था और उसने हिंसा के लिए फंड की व्यवस्था की थी। उसके ख़िलाफ हत्या की कोशिश समेत कई आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। हम रहमान की तलाश कर रहे थे और फिर पता चला कि मथुरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।’

बता दें कि 5 अक्टूबर को मथुरा पुलिस ने मंट टोल प्लाजा पर चार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके एक दिन बाद चारों लोगों को यूपी पुलिस ने सांप्रादायिक हिंसा भड़काने की साज़िश के आरोप में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। उनपर यूएपीए, और आईपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह), 153-ए (धर्म, जाति के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और 295-ए के तहत मुक़दमा दर्ज किए गए हैं।

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