Kerala Assembly: शैलजा को क्यों नहीं मिली मंत्रिमंडल में जगह ?

by GoNews Desk 1 year ago Views 2332

kk Shailaja

महामारी से निपटने के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चिच होने वाली केरल की स्वास्थ्य मंत्री रहीं केके शैलजा एक बार फिर चर्चा में हैं. दरअसल केरल में लेफ्ट सरकार के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की. नए मंत्रियों की सूची में केके शैलजा का नाम शामिल नहीं किया गया है जिसके बाद से ही उनके समर्थकों के बीच खलबली मच गई.

 पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी और वह कई मीडिया संस्थानों की सुर्खी बनी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलजा ने कहा कि उन टिप्पणियों का कोई सार नहीं है जो मेरे मंत्रिमंडल में शामिल न होंने के खिलाफ की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि ये स्वाभाविक है कि नई पीढ़ी के लोगों को मौका दिया जाए ताकि वह खुद को साबित कर सकें.

ऐसा माना जा रहा था कि साल 2018 के निपाह वायरस और 2020 में कोरोना संक्रमण के खिलाफ दमदार लड़ाई लड़ने वाली शैलजा को एक बार फिर ये पद दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. शैलजा को स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटाने के बाद से लेफ्ट की आलोचना हो रही है. पार्टी के आलोचकों का कहना है कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को कैबिनेट से हटाना पार्टी की पितृसत्तातमक सोच और स्त्रियों के प्रति द्वेष को दिखाता है. कई आलोचकों ने पार्टी की महिला नेताओं केआर गौरी और सुशीला गोपालन का नाम लेते हुए दावा किया कि उन्हें महिला होंने के कारण पार्टी ने दरकिनार कर दिया था. 

कैबिनेट से बाहर किए जाने वाले लोगों में हालांकि अकेली शैलजा शामिल नहीं हैं बल्कि बड़े वरिष्ठ नेताओं थोमस इसाक, के सुधाकरन, वीएस सुनील कुमार को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है और इनकी जगह युवा नेताओं को चुना गया है.सीपीआईएम के सूत्रों ने बताया कि हालांकि कुछ नेता शैलजा को फिर से स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने के पक्ष में थे लेकिन अधिकतर नेता चाहते थे कि मंत्रिमंडल में नए चहरों को शामिल किया जाए. कैबिनेट में शामिल हुए युवा नेताओं में पिनरई विजयन के दामाद मोहम्मद रियास भी हैं. महिला नेताओं में वीना जॉर्ज, आर बिंदु, जे चिंजु रानी ने मंत्रिमंडल में जगह बनाई. पत्रकार से राजनेता बनी वीना जॉर्ज ही अब स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर शैलजा को रिप्लेस करेंगी.

शैलजा का केरल के कैबिनेट से बाहर होना कई लोगों के लिए झटके जैसा है. वह हाल ही में कोरोना से निपटने की अपनी नीति के चलते अंतराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बनी थी. उन्हें ब्रिटेन की मैगज़ीन ने 2020 में ‘टॉप थिंकर ऑफ द इयर’ चुना था. इससे पहले साल 2018 में केरल में फैले निपाह वायरस से निपटने के लिए भी अपनी रणनीति के कारण स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर केके शैलजा की काफी प्रशसां हुई थी.

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