भारत का व्यापार संकट: दुनिया के साथ भारत का व्यापार घाटे में; कैसे बनेंगे 'आत्मनिर्भर' ?

by M. Nuruddin 6 months ago Views 1535

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबसे पहले आयात कम करना होगा और अपना निर्यात बढ़ाना होगा...

India's trade crisis: India's trade with the world
भारत का नवंबर महीने में व्यापार घाटा ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। व्यापार घाटा 2021 के नवंबर महीने में तेज़ी से बढ़कर 23.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया जो पिछले साल के समान अवधि में करीब 10 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो अबतक दर्ज की गई मासिक सबसे बड़ा व्यापार घाटा है।

इससे पहले साल 2012 में भारत का व्यापार घाटा रेकॉर्ड उंचाई पर था जब देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ गए थे।


नवंबर महीने में भारत का आयात

नवंबर 2021 में भारत का व्यापारिक आयात 53.15 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो नवंबर 2020 में 33.81 अरब डॉलर के मुक़ाबले 57.18 फीसदी ज़्यादा है। भारत का आयात मूख्य रूप से कच्चे तेल की (132.6 फीसदी) ख़रीद के बाद बढ़ी है। इनके अलावा नवंबर महीने में कोयले की ख़रीद 135.5 फीसदी रही और सोने की ख़रीद करीब 40 फीसदी रही।

नवंबर 2021 में भारत का निर्यात

निर्यात के मोर्चे पर भारत ने ग्रोथ तो दर्ज की है लेकिन आयात बड़ा होने की वजह से भारत का नफा नहीं बल्कि नुक़सान हो जाता है। मसलन नवंबर महीने के दौरान भारत का निर्यात 29.88 अरब डॉलर था जो नवंबर 2020 के मुक़ाबले करीब 26.5 फीसदी ज़्यादा है।

मसलन नवंबर 2021 में ग़ैर-पेट्रोलनियम उत्पादों का निर्यात मूल्य 26.06 अरब डॉलर रहा जो नवंबर 2020 में 22.06 अरब डॉलर के मुक़ाबले 18 फीसदी ज़्यादा है।

वहीं नवंबर महीने में ग़ैर पेट्रोलियम उत्पादों का आयात मूल्य 38.47 अरब डॉलर था, जो नवंबर 2020 में 27.5 अरब डॉलर के गैर-पेट्रोलियम आयात के मुक़ाबले करीब 40 फीसदी ज़्यादा है।

नवंबर महीने में भारत का व्यापार घाटा

अब अगर भारत के व्यापार पर भारत का फायदा देखें तो यह शून्य है। भारत ने नवंबर महीने में जितना निर्यात किया उसका लगभग दोगुना आयात किया है। कैलकुलेशन से पता चलता है कि सिर्फ नवंबर महीने में निर्यात के मुक़ाबले भारत का आयात 56 फीदसी ज़्यादा है, जो दर्शाता है कि भारत अपने “आत्मनिर्भरता” के लक्ष्य के ट्रैक से फिसल गया है।

इससे पहले नवंबर 2012 में भारत का व्यापार घाटा 19.3 अरब डॉलर था। तब भारत का आयात 41.6 अरब डॉलर और निर्यात 22.3 अरब डॉलर रहा था। यह तब हुआ था जब देश में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ गई थी। ऐसे में भारत को पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें कम करने के लिए कच्चे तेल की बड़ी मात्रा में आयात करनी पड़ी था।

अप्रैल-नवंबर 2021 में भारत का व्यापार

अप्रैल से नवंबर महीने के दौरान भी अगर भारत के व्यापार पर नज़र डालें तो पता चलता है कि भारत निर्यात के मुक़ाबले आयात 37.7 फीसदी ज़्यादा कर रहा है। ऐसे में इस अवधि के दौरान भारत का व्यापार घाटा 170.8 फीसदी है।

मसलन इस अवधि में भारत का आयात 384.44 अरब डॉलर रहा और निर्यात 262.46 अरब डॉलर। ऐसे में अप्रैल से नवंबर महीने के दौरान भारत का व्यापार घाटा करीब 122 अरब डॉलर रहा।

अब ज़ाहिर कि भारत का दुनिया के साथ व्यापार घाटे में चल रहा है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबसे पहले आयात करना होगा और अपना निर्यात बढ़ाना होगा, जो इन आंकड़ों के मुताबिक़ दूर की कौड़ी साबित होती है।

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