वित्त वर्ष 2021 के दौरान देश की जीडीपी के 11 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1499

जोखिम को देखते हुए संक्रमण की दूसरी लहर पर काबू पाना अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है...

India's GDP to grow at 11% this fiscal, economic r
एशियन डेवलपमेंट बैंक की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एक ‘मज़बूत’ टीकाकरण अभियान के बीच भारत की जीडीपी चालू वित्त वर्ष में 11 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। साथ में यह भी कहा गया है कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में बेताहाशा बढ़ रहे मामले और लगाई जा रही पाबंदियां आर्थिक सुधार को प्रभावित कर सकती है।

एडीबी ने एशियन डेवलपमेंट आउटलुक 2021 में कहा कि ‘वित्त वर्ष 2021 में भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की उम्मीद है, जो 31 मार्च 2022 को समाप्त हो रही है।’ हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले आर्थिक सुधार को ख़तरे में डाल सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष 2022 के दौरान भारत की जीडीपी के सात फीसदी की दर से विस्तार होने की उम्मीद है।


इनके अलावा रिपोर्ट में साउथ एशिया में इस वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी के 9.5 फीसदी रिबाउंड होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि साल 2020 में साउथ एशिया की जीडीपी 6 फीसदी तक सिकुड़ गई थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के प्रकोप के बीच डेवलपिंग एशिया में इस वित्त वर्ष के दौरान 7.3 फीसदी तक की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक़ ऐसा इसलिए भी संभव है कि दुनिया के कई देशों में संक्रमण की रफ़्तार धीमी है और टीकाकरण अभियान चल रहा है। जबकि पिछले साल डेवलपिंग एशिया की अर्थव्यवस्था 0.2 फीसदी तक सिकुड़ी गई थी।

आसान भाषा में कहें तो रिपोर्ट कहता है कि इस वित्त वर्ष के दौरान और अगले वित्त वर्ष 2022 के दौरान साउथ एशिया की अर्थव्यवस्था में बेहतर बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ (पीआरसी) में मज़बूत निर्यात और घरेलू खपत में धीरे-धीरे सुधार से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक़ पीआरसी की जीडीपी में 8.1 फीसदी की दर से विस्तार हो सकता है, जबकि साल 2022 में इसके 5.5 फीसदी बढ़ने की उम्मीद हो।

इनके अलावा अगर महंगाई की बात करें तो डेवलपिंग एशिया में मंहगाई 2.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। जबकि पिछले साल 2020 के दौरान यह 2.8 फीसदी रहा था। हालांकि 2022 में फिर से महंगाई आ सकती है और इसके 2.7 फीसदी की दर से बढ़ने की आशंका है। बात अगर भारत की करें तो यहां साल 2020 के दौरान 6.2 फीसदी के मुक़ाबले इस चालू वित्त वर्ष में इसके 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक़ अगले वित्त वर्ष में यह और कम होकर 4.8 फीसदी रह सकता है।

रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रति व्यक्ति आय के बढ़ने की भी उम्मीद है। इस वित्त वर्ष 2021 के दौरान प्रति व्यक्ति आय 9.8 फीसदी की दर से बढ़ सकती है जबकि अगले वित्त वर्ष 2022 के दौरान इसमें भारी 5.9 फीसदी की गिरावट की आशंका है।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले वैश्विक रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने भी भारत की जीडीपी के 11 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। एजेंसी ने कहा कि महामारी एक बड़ा जोखिम है, जो हालिया सप्ताहों में तेजी से बढ़ा है। जोखिम को देखते हुए संक्रमण की दूसरी लहर पर काबू पाना अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

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