सीमा पर तनाव के बीच अरुणाचल प्रदेश में LAC के पास भारतीय सेना का अभ्यास

by GoNews Desk 1 month ago Views 1267

चीन, भारत और चीन के बीच सीमा के ट्रेडिश्नल अलाइनमेंट को मानने से इनकार करता है...

Indian Army mock drill near LAC in Arunachal Prade
अरुणाचल प्रदेश के ईस्टर्न सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास भारतीय सेना के जवान ट्रेनिंग पर लगाए गए हैं। सैनिकों ने चीनी पक्ष से किसी भी ख़तरे से निपटने के लिए एलएसी के पास तवांग सेक्टर में एक अभ्यास का भी प्रदर्शन यानि मॉक ड्रिल किया। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर शुरु हुए संघर्ष के बाद सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। 

पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे के मुताबिक़ लद्दाख सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत-चीन की सेना के बीच संघर्ष और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी या पीएलए द्वारा जुटाए गए रिज़र्व फॉर्मेशन के बाद चीन ने अरुणाचल प्रदेश में विवादित सीमा पर अपने सैन्य अभ्यास के पैमाने और अवधि को बढ़ा दिया है। पीएलए पिछले साल से अबतक वहां तैनात है।


अब भारतीय सेना अपनी हर तरफ से किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अभ्यास में जुटी है। भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध पिछले साल 5 मई को पैंगोंग झील क्षेत्रों में एक हिंसक झड़प के बाद शुरु हुआ। इसके बाद चीन ने एलएसी के पास सेना की तैनाती बढ़ा दी थी। 

हालांकि विपक्ष के मुताबिक़ भारत ने इन इलाकों में सैन्य तैनाती में ढिलाई की। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ तौर पर कह दिया था कि भारतीय क्षेत्र में कोई भी नहीं घुसा और किसी ने भारत की ज़मीन पर क़ब्ज़ा नहीं किया। इसके बाद विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था।

जबकि बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में केन्द्रशासित प्रदेश लद्दाख में चीन के लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर के “अवैध क़ब्जे” की बात बताई थी। बक़ौल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, “1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' के तहत, पाकिस्तान ने अवैध रूप से पाकिस्तान के कब़्जे वाले कश्मीर में 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया।”

हैरान करने वाली बात यह है कि चीन अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र में लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन का हिस्सा बताता है। नेश्नल हेराल्ड के मुताबिक़ चीन, भारत और चीन के बीच सीमा के ट्रेडिश्नल अलाइनमेंट को मानने से इनकार करता है।

पिछले साल 15 जून को गालवान घाटी में एक घातक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े हैं, जिसमें 20 भारतीय सेना के जवानों की मौत हो गई थी। तब से अबतक अलग-अलग स्तर पर 13 दौर में बातचीत हुई है। विवाद को लेकर आख़िरी बातचीत 10 अक्टूबर को हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने गतिरोध के लिए एक-दूसरे को ज़िमेदार ठहराया था।

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