Indian Army Day: भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी आयात पर निर्भर

by M. Nuruddin 4 months ago Views 2312

Indian Army Day: India depends on foreign imports
भारतीय सेना के महत्व और सैनिकों के बलिदान का सम्मान करने के लिए भारत हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाता है। इसी दिन 1949 में फील्ड मार्शल कोदंडेरा एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

भारत अपनी आज़ादी के 75वें साल में है लेकिन आज भी भारतीय सेना विदेशी हथियारों के साथ सीमा पर तैनात हैं। भारत सैन्य साज़ो-सामान से लेकर फाइटर जेट, सैन्य हेलिकॉप्टर और यहां तक अत्याधुनिक राइफल्स के लिए भी विदेशी इंपोर्ट पर निर्भर है।


भारत दुनिया में हथियार आयातकों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर है। भारत का वैश्विक रक्षा आयात में हिस्सेदारी 9.5 फीसदी है। सऊदी अरब कुल वैश्विक रक्षा आयात का 11 फीसदी आयात करता है।

भारत का रक्षा आयात के मामले में रूस सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था लेकिन हाल के वर्षों में रूसी आयात कम हो रहा है। मसलन कुल रक्षा आयात में अब रूस से 70 फीसदी के मुक़ाबले भारत 49 फीसदी आयात करता है। इनके अलावा फ्रांस (18 फीसदी) और इज़रायल (13 फीसदी) भारत के रक्षा आयात के मामले में तीसरे और चौथे स्थान पर है।

इस लिस्ट से ग़ायब एकमात्र देश है अमेरिका जो विश्व में सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक देश है। जानकार यह भी मानते हैं कि भारत के रूस के साथ रक्षा व्यापार कम करने की अमेरिका भी एक वजह है। 

मसलन हाल ही में भारत और रूस के बीच एस400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील पर अमेरिका ने खुलकर नाराज़गी जताई। बाद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन 6 घंटे के लिए भारत भी आए थे जिसके बाद यह डील पक्की हुई।

आपको यह भी बता दें कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच करीबी बढ़ रही है। भारतीय सेना अमेरिकी सेना के साथ कई युद्ध अभ्यास भी किए हैं। चीन के साथ तनावपूर्ण हालात के बीच अक्टूबर 2020 में भारत और अमेरिकी के बीच संवेदनशील सैटेलाइट डेटा साझा करने पर एक 2+2 सैन्य समझौते भी हुए थे।

भारत और अमेरिका के बीच 2.8 अरब डॉलर की लागत से 24 एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर की डील हुई जिनमें कुछ हेलिकॉप्टर भारतीय सेना को मिल गए हैं। साथ ही भारत ने अमेरिका से 22 एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर भी खरीदे हैं। 

इनके अलावा, बोइंग कंपनी का P8I एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) विमान भारतीय नौसेना के लिए तीन अरब डॉलर की लागत से खरीदी गई थी। अमेरिकी डिफेंस कंपनी बोइंग से 22 एंटी-शिप हार्पून मिसाइलों के लिए 200 मिलियन डॉलर के सौदे हुए। अरबों डॉलर की लागत से चिनूक हेलिकॉप्टरों की खरीद भी भारत ने अमेरिका से ही की है। 

वहीं 4 अरब डॉलर की लागत से भारत ने 10 सी-17 ग्लोब मास्टर III की खरीदारी की थी। साथ ही जनरल एटॉमिक्स सौदे पर बातचीत चल रही है और 2.8 अरब डॉलर की लागत से 30 ड्रोन भी खरीदे जाने की योजना है।

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