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सार्वजनिक क्षेत्र में 'भ्रष्टाचार' को लेकर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में भारत 86वें स्थान पर

by GoNews Desk 2 months ago Views 3010

India ranked 86th in Transparency International's
सार्वजनिक क्षेत्र में पारदर्शिता को लेकर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशन ने करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई)-2020 रिपोर्ट जारी की है। इसे तैयार करने के लिए 180 देशों में सार्वजनिक क्षेत्र में मौजूद भ्रष्टाचार को परखा गया है और उन्हें नंबर दिये गये हैं। रिपोर्ट में भारत को सौ में से 40 अक हासिल हुए हैं और वह 86वें नंबर पर है। इस पायदान पर इतने ही अंक के साथ तुर्की और मोरक्को समेत सात देश हैं।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की स्थिति चिंताजनक है। भारत का पड़ोसी भूटान 24वें पायदान पर है। चीन की हालत भी भारत से बेहतर है। वह 42 अंक के साथ अर्जेंटीना, बहरीन और कुवैत के साथ 78वें पायदान पर है जबकि श्रीलंका 94वें, नेपाल 117वें, पाकिस्तान 124वें स्थान पर हैं।


रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे कम भ्रष्टाचार डेनमार्क और न्यूज़ीलैंड में है  जिन्हें 88 अंक हासिल हुए। इसके बाद फिनलैंड, सिंगापुर, स्वीडन, स्विटज़रलैंड, नार्वे और नीदरलैंड का नंबर है। विकसित देशों में जर्मनी नवें, ऑस्ट्रेलिया और युनाइटेड किंगडम 11वें, जापान 19वें, फ्रांस 23वें और अमेरिका 25वें पायदान पर है। विकसित देशों में सबसे ख़राब हालात रूस के हैं जो महज़ 30 अंकों के साथ 129वें स्थान पर है।

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे ज़्यादा भ्रष्टाचार दक्षिण सूडान पर है जो सोमालिया के साथ 179वें स्थान पर है। दोनों को महज़ 12 अंक मिले हैं।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के मुताबिक करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) बताता है कि ज्यादातर देशों ने भ्रष्टाचार दूर करने के मामले में खास प्रगति नहीं की है। इससे न सिर्फ कोविड जैसी महामारी से निपटने में मुश्किल आयी बल्कि लोकतंत्र भी संकट में है। इस इंडेक्स में दो-तिहाई देशों को 50 से कम अंक हासिल हुए। औसत अंक महज़ 43 रहा।

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