नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सत्तावाद की तरफ बढ़ रहा भारत, 'हिंदू राष्ट्रवाद' अधिकार, स्वतंत्रता पर हावी : रिपोर्ट

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1865

फ्रीडम हाउस की रिपोर्ट ‘डेमोक्रेसी अंडर सीज़’ में भारत 71वें स्थान से गिरकर 67वें स्थान पर आग गया है...

India, moving towards authoritarianism under the l
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश में नागरिकों का अधिकार और स्वतंत्रता ख़त्म होता जा रहा है। मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अब एक लोकतांत्रिक लीडर के तौर पर काम करना छोड़ दिया है। अमेरिकी थिंक-टैंक फ्रीडम हाउस ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट में ख़ासतौर पर मुसलमानों पर हमले और उनपर आए दिन लगाए जा रहे राजद्रोह के मामलों का भी ज़िक्र है। इस लिहाज़ से फ्रीडम हाउस ने भारत को ‘स्वतंत्र’ से ‘आंशिक स्वतंत्र’ की कैटगरी में शामिल कर दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की स्थिति में आया ये बदलाव लोकतंत्र और सत्तावाद में होने वाले वैश्विक बदलाव का ही एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी सत्तावाद की तरफ बढ़ रहा है। फ्रीडम हाउस की रिपोर्ट ‘डेमोक्रेसी अंडर सीज़’ में भारत 71वें स्थान से गिरकर 67वें स्थान पर आग गया है।


अपनी वार्षिक रिपोर्ट में, फ्रीडम हाउस ने कहा कि (मोदी की) हिंदू राष्ट्रवादी सरकार में मानवाधिकार संगठनों पर दबाव बढ़ा है, शिक्षाविदों और पत्रकारों पर दबाव बढ़ गए हैं और उन्हें धमकाया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़ासतौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ होने वाले हमले देश में राजनीतिक और नागरिक स्वतंत्रता बिगड़ने की वजह है

रिपोर्ट में नए नागरिकता क़ानून यानि सीएए का भी ज़िक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक़ सीएए का विरोध करने वालों के ख़िलाफ हुई पुलिस बरबरता और हिंसक कार्रवाई से भारत की रैंकिंग घटी है। रिपोर्ट में क़ानून को लेकर सरकार और इसका विरोध करने वालों का तर्क भी दिया गया है।

रिपोर्ट में लॉकडाउन के बाद लाखों प्रवासियों के घर लौटने का भी जिक्र है। कहा गया है कि पिछले साल मार्च में भारत ने अचानक लॉकडाउन का ऐलान किया, जिससे लाखों प्रवासी मज़दूर बिना पैसों के शहरों में ही फंस गए। कई लोग पैदल ही सैकड़ों मील चले और इनमें से कई लोगों की दुर्घटना या फिर थकान के चलते मौत हो गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में नरेंद्र मोदी के दोबारा सत्ता में आने के बाद से भारत की इस रैंकिंग में तेज़ी से गिरावट देखी जा रही है। रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र है कि एक लोकतांत्रिक चैंपियन के रूप में काम करने की बजाय मोदी और उनकी पार्टी भारत को चीन जैसे सत्तावाद देश की ओर लेकर बढ़ रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी ने सभी के लिए समान अधिकार और समावेश की कीमत पर संकीर्ण हिंदू राष्ट्रवादी हितों को ऊपर उठाने का काम किया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सत्तारूढ़ हिंदू राष्ट्रवादी आंदोलन से मुसलमानों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हिंदू राष्ट्रवादी सरकार ने देश में कोरोना वायरस फैलने का आरोप भी मुसलमानों पर ही मढ़ दिया और उनपर हमले किए गए। एक लोकतांत्रिक चैंपियन के रूप में काम करने की बजाय मोदी और उनकी पार्टी भारत को चीन जैसे सत्तावाद देश की ओर लेकर बढ़ रहे हैं। 

फ्रीडम हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन में नागरिकों की आज़ादी और लोकतंत्र सबसे ख़राब स्थिति में है। कमोबेश यही हालात तिब्बत और सीरिया जैसे देशों में भी है। जबकि फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देश इस मामले में बेहतर स्थिति में है। रिपोर्ट के मुताबिक़ 1995 के बाद से अबतक दुनिया की 20 फीसदी आबादी ही पूर्ण रूप से स्वतंत्र ज़िंदगी जी रही है।

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