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महामारी के बीच भारत को मिला सबसे अधिक विदेशी धन

by GoNews Desk 1 month ago Views 1808

remittance to India

कोरोना महामारी ने देश और दुनिया में कोहराम मचा रखा है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बीच भी साल 2020 में भारत को विदेश से 83 बिलियन डॉलर मिले हैं। वर्ल्ड बैंक ने एक रिपोर्ट में इस रकम के 9 प्रतिशत तक कम होने का अनुमान जताया था लेकिन ये रकम 2019 के मुकाबले सिर्फ 0.2 फीसदी ही कम है। 2019 में देश को 83.3 बिलियन डॉलर प्राप्त हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार विदेशी धन में आई 0.2 फीसदी की कमी का कारण संयुक्त अरब अमीरात से प्राप्त होने वाले धन में 17 प्रतिशत की गिरावट है जिसके कारण

अमेरिका और दूसरे मेजबान देशों से भी मिलने वाले धन में गिरावट देखी गई। इसके बावजूद भारत को 2020 में सबसे अधिक विदेशी धन की प्राप्ती हुई है। इसके बाद चीन का नंबर आता है जिसे 2020 में 59.5 बिलियन डॉलर की रकम मिली थी जबकि 2019 में इसे 68.3 बिलियन डॉलर प्राप्त हुए थे.। चीन के अलावा मैक्सिको को 42.8 बिलियन डॉलर, फिलिपिंस को 34.9 बिलियन डॉलर, मिस्त्र को 29.6 बिलियन डॉलर, पाकिस्तान को 26 बिलियन डॉलर, फ्रांस को 24.4 बिलियन डॉलर और बांग्लादेश को सिर्फ 21 बिलियन डॉलर मिले हैं।

बता दें कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश को 2019 के मुकाबले 2020 में मिलने वाले विदेशी धन में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान को 2020 में 17 फीसदी अधिक इज़ाफे के साथ धन मिला। इसे बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, यूरोपियन युनियन के देशों और संयुक्त अरब अमीरात से प्राप्त हुआ है। बांग्लादेश को मिलने वाले धन में 18.4 फीसदी का इज़ाफा हुआ है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि 2019 में भारत से 7 बिलियन डॉलर विदेशी धन भेजा गया है जबकि 2019 में ये 7.5 बिलियन डॉलर था।

विदेशी धन मिलने के बीच अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे देशों ने महामारी से जूझ रहे भारत के लिए कई बिलियन डॉलर की मदद की है। इसके अलावा वर्लड बैंक ने भी भारत को महामारी से लड़ने के लिए 1 बिलियन डॉलर की इमरजेंसी एड प्रोजेक्ट अप्रूव किया है।

अमेरिका ने भारत को पीपीई किट्स, रैपिड किट्स और वेंटिलेटर्स आदि मदद के रूप में भेजें हैं। कनाडा सरकार ने भी भारत को कोविड महामारी के लिए 10 मिलियन डॉलर की मदद सुनिश्चित की है। वहीं वर्लड बैंक ने भी भारत को महामारी से उबरने के लिए 1 बिलियन डॉलर के फास्ट ट्रैक कोविड इमरजेंसी रिसपोंस और हेल्थ सिस्टम प्रीपेयर्डनेस प्रोजेक्ट को अप्रूव किया है। ये बैंक की तरफ से भारत को हेल्थ सेक्टर के लिए दी गई सबसे बड़ी मदद है।

विदेश से मदद प्राप्त करने के लिए विपक्ष की ओर से भारत सरकार की आलोचना भी हो रही है। कई केंद्रीय मंत्रियों ने देश को मिल रही मदद के लिए पीएम मोदी और भारत सरकार की तारीफ की थी जबकि विपक्ष की ओर से इसे निराशा जनक बताया गया है। मुख्य विपक्षा पार्टी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने विदेशी मदद प्राप्त करने के लिए पीएम मोदी और सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि सरकार का हर बार विदेशी मदद मिलने पर छाती ठोकना निराशाजनक है। 
 

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