बांग्लादेशी से ज़्यादा नाइजीरियाई नागरिकों को डीपोर्ट करता है भारत

by Rahul Gautam 3 months ago Views 1321
India deports more Nigerian citizens than Banglade
संसद में पेश नए आंकड़े बताते हैं कि देश में अवैध तरीक़े से रहने वालों में सिर्फ बांग्लादेशी नहीं हैं. कई अन्य देशों के नागरिक अवैध तरीक़े से भारत में रह रहे हैं और पकड़े जाने पर सरकार ऐसे लोगों को डीपोर्ट कर रही है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि डीपोर्ट के सबसे ज़्यादा मामले बांग्लादेश के न होकर नाइजीरिया के हैं. सवाल यह है कि इसके बावजूद सरकार सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को हवा क्यों देती है. 

केंद्र सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता चुनावी रैलियों में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा ज़ोर शोर से उठाते हुए पूछते हैं कि क्या ऐसे लोगों को वापस उनके देश भेजा जाना चाहिए या नहीं? मगर सरकारी आंकड़े बताते हैं कि डिपोर्ट करने के मामले में बांग्लादेशी नागरिकों की बजाय अफ्रीकी देश नाइजीरिया के नागरिकों की संख्या ज़्यादा है. 

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गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 और 2019 में कुल 3,311 विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया जो भारत में अवैध तरीके से रह रहे थे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बांग्लादेश नहीं बल्कि नाइजीरिया के नागरिकों की थी. केंद्र सरकार ने 2018 और 2019 के बीच 1,368 नाइजीरियाई नागरिकों को डीपोर्ट किया.

पड़ोसी देश बांग्लादेश का नंबर इनके बाद आता है. 2018 और 2019 में 744 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया जो यहां अवैध तरीके से रह रहे थे. इसी दौरान अफ़ग़ानिस्तान के 173, यूगांडा के 134 और सोमालिया के 128 लोगों को डिपोर्ट किया गया है. इनके अलावा इंग्लैंड के 18, अमेरिका के 5, कनाडा से 5 और ऑस्ट्रेलिया के भी 2 लोगों को डिपोर्ट किया गया।   

इन आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार के मंत्री और बीजेपी के नेता बेशक बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को हवा देते हैं लेकिन देश में अवैध तरीक़े से रहने वाले नागरिकों में सिर्फ बांग्लादेशी नहीं हैं.

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आंकड़े यह भी बताते हैं कि अब भारतीय भी अपनी नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों का रुख़ कर रहे हैं. 2015 में यह आंकड़ा शून्य था लेकिन 2016 में 19, 2017 में 60 और 2018 में अक्टूबर तक 207 लोगों ने भारत की नागरिकता छोड़ दी.