5 साल में अमीर घरों की आमदनी 39 फीसदी बढ़ी, ग़रीबों की आमदनी 53 फीसदी घटी: रिपोर्ट

by M. Nuruddin 5 months ago Views 2118

देश में शहरीकरण तो बढ़ रहा है लेकिन शहरों में ग़रीबी भी तेज़ रफ़्तार से बढ़ रही है...

Income of rich households increased by 39 per cent
भारत में असमानता अपने चरम पर है। ऐसा देखा गया है कि देश के सबसे ग़रीब जिसकी आमदनी 1995 से लगातार बढ़ रही थी वो पिछले पांच साल में 53 फीसदी घटी है। इसी दरमियान 20 फीसदी सबसे अमीर घरों की आमदनी 39 फीसदी बढ़ी है। मुंबई स्थित थिंक-टैंक, पीपुल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी (PRICE) के एक सर्वे में यह बात सामने आई है।

मसलन 2015-16 में 20 फीसदी सबसे ग़रीब घरों की सालाना आमदनी 1.37 लाख रूपये थी जो गिरकर 2020-21 में 65 हज़ार रूपये पर आ गया है। इसी दरमियान लोअर मिडिल इन्कम ग्रुप वाले घरों की आमदनी 1.85 लाख रूपये से 1.25 लाख रूपये पर आ गई है जो पांच साल में 32.4 फीसदी की गिरावट है।


इसी तरह मिडिल इन्कम ग्रुप वाले घरों की आमदनी में भी करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है जो 2015-16 में 2.25 लाख के मुक़ाबले महामारी के दौरान 2020-21 में 2.05 लाख पर आ गया है।

यह बात छिपी नहीं है कि अमीरों की अमीरी देश में लगातार बढ़ रही है और ग़रीबी के हालात गहराते जा रहे हैं। हुरुन इंडिया की वेल्थ रिपोर्ट के हवाले से Gonewsindia ने आपको पहले बताया था कि महामारी अमीरों के लिए एक ऐतिहासिक साल रहा जब उन्होंने अपनी संपत्ति में हज़ारों करोड़ रूपये प्रति दिन जुटाए। सिर्फ एक साल (2020-21) में अमीरों की संपत्ति में 51 फीसदी का इज़ाफा हुआ।

PRICE की आइसीई सर्वे 2021 के मुताबिक़ अमीर घरों की आमदनी पांच साल में 39 फीसदी बढ़ी है। मसलन 20 फीसदी सबसे अमीर घरों की आमदनी 2015-16 के दौरान 5.26 लाख रूपये रही थी जो 2020-21 में बढ़कर 7.31 लाख रूपये हो गया है। इनके अलावा अपर मिडिल इन्कम ग्रुप वाले घरों की आमदनी भी 7 फीसदी बढ़ी है।

एक अंग्रेज़ी दैनिक की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2005 से 2016 के बीच 11 साल की अवधि में सबसे ग़रीब घरों की आमदनी सालाना ग्रोथ 9.9 फीसदी के हिसाब से 183 फीसदी की दर से बढ़ी थी, जबकि अमीरों की संपत्ति में 34 फीसदी का इज़ाफा देखा गया था, जो अब सिर्फ पांच साल में ही 39 फीसदी बढ़ी है।

1995 में कुल हाउसहोल्ड इन्कम में 20 फीसदी सबसे अमीर घरों का शेयर 50.2 फीसदी था जो 2021 में बढ़कर 56.3 फीसदी हो गया है। दूसरी तरफ 20 फीसदी सबसे ग़रीब घरों का शेयर 5.9 फीसदी से 3.3 फीसदी पर आ गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016 में 20 फीसदी सबसे ग़रीब घरों में 90 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रह रहे थे जो संख्या 70 फीसदी पर आ गया है। वहीं शहरी ग़रीबी 10 फीसदी से 30 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे ज़ाहिर है कि देश में शहरीकरण तो बढ़ रहा है लेकिन शहरों में ग़रीबी भी तेज़ रफ़्तार से बढ़ रही है।

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