कोरोना काल में बजा पिज़्ज़ा और मोमोज़ का डंका, वेज बिरयानी ने दी कड़ी टक्कर!

by Siddharth Chaturvedi 10 months ago Views 2988

दिल्ली वाले लगता है छोले-भटूरे खा-खाकर ऊब गये हैं। अब देश की राजधानी में मोमोज़ का बोलबाला है।

In the Corona era, pizza and momos became most ord
आज के ज़माने में जब बात घर बैठ कर खाने की होती है तो ज़ोमैटो नाम अपने आप ही जुड़ जाता है। 2008 में शुरू हुई इस कंपनी ने पूरे देश में काफ़ी तेज़ी से अपने पैर पसारे हैं। ख़ैर अब मुद्दे पर आते हैं। ज़ोमैटो के इस साल के आँकड़ों में ऐसी बहुत सी बातें हैं जो बताती हैं कि इस साल भारतीयों ने क्या खाना सबसे ज़्यादा पसंद किया।

सबसे पहले नंबर आता है पिज़्ज़ा का जिसे भारतीयों ने सबसे ज़्यादा पसंद किया। हालाँकि कोरोना की शुरुआत में फैले ख़ौफ़ ने बाहर के खाना का सिलसिला काफ़ी कम कर दिया  था लेकिन जैसे ही ये ख़ौफ़ कम हुआ, लोगों ने बाहर से खाना ऑर्डर करना शुरू कर दिया।  मई के महीने में 4.5 लाख़ से ज़्यादा बार पिज़्ज़ा ऑर्डर किया गया और साल के बढ़ने के साथ यह यह आँकड़ा आसमान छूता चला गया। जुलाई के महीने में क़रीब 9 लाख़ बार, सितंबर में 12 लाख़ बार और नवंबर में क़रीब 17 लाख़ बार पिज़्ज़ा ऑर्डर किया गया।


इन आँकड़ों के पीछे आईपीएल भी एक मुख्य वजह बताई जा रही है जिसके वजह से लोगों ने बाहर का खाना ज़्यादा ऑर्डर किया। दिलचस्प बात ये है कि सबसे ज़्यादा बार पिज़्ज़ा आर्डर करने वाले का नाम किसी महानगर से नहीं जुड़ा है, बल्कि महाराष्ट्र के जलगाँँव के एक शख्स ने सबसे ज्यादा, 369 बार पिज़्ज़ा आर्डर करने का रिकॉर्ड बनाया।

जहाँ तक ऑर्डर की लिस्ट में टॉप करने की बात है तो ये कमाल बेंगलुरु के शख्स ने किया जिसने साल में कुल 1,380 ऑर्डर किये, यानी औसतन हर दिन चार ऑर्डर।

वहीं कुछ आँकड़े ऐसे भी दिखें जिन पर एक बार में यक़ीन करना मुश्किल है। इसे दोबारा सिर्फ इसलिए पढ़ना पड़ा ताकि यह पक्का हो सके कि जो पढ़ रहे हैं वो सच है या नहीं।  ज़ोमैटो के अनुसार इस साल सबसे महंगा ऑर्डर हुआ क़रीब दो लाख रुपये का और यह दाम तब  था जब ऑर्डर पर 66 हज़ार का डिस्काउंट भी मिला था। वहीं सबसे सस्ता ऑर्डर था 10 रुपये का जिसमें 39 रुपये का डिस्काउंट भी दिया गया था।

आँकड़ों से यह भी पता चलता है अगर भारतीय ज़बान पर् चढ़े स्वाद के मामले में पिज़्ज़ा का बोलबाला है तो बिरयानी भी किसी से कम नहीं है। ज़ोमैटो के अनुसार उसने इस साल हर मिनट 22 बिरयानी डिलीवरी की हैं। वैसे जब भी बिरयानी का ज़िक्र होता है, उसके आशिक़ वेज बिरयानी जैसी किसी चीज़ के न होने का फ़तवा देने लगते हैं, पर ज़ोमैटे के दिलचस्प आँकड़े बताते हैं कि इस साल वेज बिरयानी 19 लाख बार ऑर्डर की गयी। यानी वेज बिरयानी का वजूद नकारने वालों को थोड़ा ठहरकर सोचने की ज़रूरत है।

इधर, दिल्ली वाले लगता है छोले-भटूरे खा-खाकर ऊब गये हैं। अब देश की राजधानी में मोमोज़ का बोलबाला है। अकेले दिल्ली में जितने मोमोज़ आर्डर किये गये, उतने तो मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में मिलाकर नहीं हुए।

आंकड़ों के मुताबिक  हर ऑर्डर पर औसतन सबसे ज़्यादा ख़र्च दार्जलिंग के लोगों ने किया। कम से कम 500 रुपये। वहीं आधी रात के बाद ऑर्डर करने के मामले में चंडीगढ़ अव्वल रहा।

इतने सारे व्यंजनों के बाद अगर मिठाई का ज़िक्र न हो तो नाइंसाफ़ी होगी। ज़ोमैटो के अनुसार पूरे देश में सबसे ज़्यादा जिस मिठाई के ऑर्डर हुए, वो है ‘गुलाब जामुन’..आँकड़ों के मुताबिक जोमैटो को एक लाख से ज़्यादा  बार गुलाब जामुन के ऑार्डर मिले।

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