Paytm के गूगल प्ले स्टोर से हटाए जाने का आप पर क्या असर पड़ेगा ?

by Siddharth Chaturvedi 1 year ago Views 1129

How will Paytm's removal from the Google Play stor
डिजिटल पेमेंट ऐप पेटीएम को गूगल प्‍ले स्टोर ने अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। इसके पीछे गूगल ने दलील दी है कि ऐप गूगल की कुछ पॉलिसीज का उल्‍लंघन कर रही थी। हालांकि पेटीएम पर गूगल की कार्रवाई के बाद ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई जिसके बाद कंपनी ने बयान जारी कर कहा, ‘ग्राहक अपने ऐप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं, हम प्ले स्टोर पर जल्द वापस लौटेंगे।’

गूगल ने आरोप लगाया है कि पेटीएम ऐप से एक बेटिंग ऐप पर यूज़र को री-डायरेक्ट किया जा रहा था। आसान भाषा में कहें तो पेटीएम अपने यूज़र को किसी बेटिंग ऐप पर फॉर्वर्ड कर रहा था। गूगल का कहना है कि इसके लिए पेटीएम को नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन कंपनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई जिसके बाद ऐप को स्टोर से हटाना पड़ा। हाल ही में पेटीएम ने फैंटेसी क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू किया था, जिसके बाद यह दोनों ही ऐप हटा दिए गए हैं। 


गूगल की इस कार्रवाई के बाद पेटीएम ने अपने ग्राहकों से परेशान नहीं होने की अपील की है। पेटीएम ने ट्विटर पर लिखा, ‘पेटीएम की ऐप एंड्रॉयड प्ले स्टोर से अस्थायी तौर पर हटाई गई है और फिलहाल नए डाउनलोड्स या अपडेट्स नहीं किए जा सकते। यह जल्द ही स्टोर में मौजूद होगी। आपका पैसा बिल्‍कुल सुरक्षित है और आप अपना पेटीएम ऐप सामान्य तौर पर इस्‍तेमाल कर सकते हैं।’

हालांकि गूगल ने अपनी गेंबलिंग पॉलिसी को लेकर एक बार फिर साफ किया है कि गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर किसी भी स्पॉर्ट्स बेटिंग को बढ़ावा नहीं देता। ऐंड्रॉयड सिक्‍योरिटी ऐंड प्राइवेसी के प्रोडक्‍ट वाइस प्रेसिडेंट सुजन फ्रे ने अपने बयान में कहा, ‘हम किसी भी तरह के ऑनलाइन कैसिनो की इजाज़त नहीं देते और ना ही स्‍पोर्ट्स बेटिंग को बढ़ावा देने वाली अनरेगुलेटेड गेंम्‍बलिंग ऐप्‍स को सपोर्ट करते हैं। इसमें वे ऐप भी शामिल हैं जो ग्राहकों को बाहरी वेबसाइट्स पर भेजती हैं जहां वे पेड टूर्नमेंट्स में असली पैसा या कैश प्राइज जीत सकते हैं, यह हमारी नीतियों का उल्‍लंघन है।’

बता दें कि पेटीएम ऐप को सिर्फ एंड्रॉयड के प्ले स्टोर से हटाया गया है लेकिन यह आइओएस यूज़र्स के लिए एप्पल के ऐप स्टोर पर मौजूद है। कंपनी के 450 मिलियन रजिस्टर्ड यूज़र्स हैं जिनमें मासिक एक्टिव यूज़र्स 130 मिलियन हैं, जबकि 12 मिलियन रजिस्टर्ड व्यपारी हैं। 

ताज़ा वीडियो