Kushinagar Airport को लेकर अख़िलेश यादव के दावे में कितना दम ?

by GoNews Desk 8 months ago Views 1497

कुशीनगर एयरपोर्ट परियोजना को 2014 में मिली मंज़ूरी !

How strong is Akhilesh Yadav's claim about Kushina
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बन कर तैयार हुए नए एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। हालांकि एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अलग दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट को बनाने की प्रक्रिया उनके कार्यकाल में ही शुरु हुआ था।

अखिलेश यादव ने एक के बाद एक ट्वीट में कहा कि योगी सरकार ने एयरपोर्ट की एक भी ईंट नहीं लगाई है। अखिलेश ने कहा, “जबकि शिलान्यास की एक ईंट तक भी इन्होंने न लगाई… तब भी सपा के कामों का उद्घाटन करने आ गये भाजपाई… लेकर अपनी कैंची, फ़ीता, माला, मिठाई। भाजपाई ये याद रखें कि ‘पायलट बनने से प्लेन आपका नहीं हो जाता’ और ये भी कि जिस रनवे से आप उड़ान भर रहे हैं उसकी ज़मीन ‘किसी और’ ने तैयार की थी।


#सपा_का_काम_जनता_के_नाम के हैशटैग के साथ अखिलेश ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “सपा की सरकार में शुरू हुए ‘कुशीनगर एयरपोर्ट’ के आरंभ होने से इस क्षेत्र में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बहुत बढ़ावा मिलेगा। भाजपा को सपा के जनहितकारी कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए सिर्फ़ सपा के कामों का उद्घाटन करने का कीर्तिमान नहीं बनाना चाहिए।”

कुशीनगर हवाई अड्डा 3,600 वर्गमीटर में फैला हुआ है। हवाई अड्डे का निर्माण 260 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। नए टर्मिनल के पास व्यस्त समय के दौरान 300 यात्रियों को संभालने की क्षमता है। कुशीनगर एक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल है, जहां गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। यह बौद्ध सर्किट का केंद्र बिंदु भी है, जिसमें लुंबिनी, सारनाथ और गया के तीर्थ स्थल शामिल हैं।

यह उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। वर्तमान में, लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं, जो अंतराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होते हैं। जबकि जेवर गौतमबुद्धनगर में चौथे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का काम चल रहा है।

24 जून 2020 को, केंद्रीय कैबिनेट समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया था। सरकार को हवाई अड्डे के निर्माण के लिए प्रतिष्ठित बुनियादी ढांचा कंपनियों से 2013 में 15 तकनीकी बोलियां प्राप्त हुई थीं।

कुशीनगर एयरपोर्ट परियोजना को 2014 में मिली मंज़ूरी !

राज्य मंत्रिमंडल ने जनवरी 2014 में परियोजना को मंजूरी दी थी और वित्तीय बोली दस्तावेज को मंजूरी दी और इस दौरान राज्य में अखिलेश यादव के नेतृतत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार थी। लेकिन लागत और परियोजना के आकार को कम करने के कई कोशिशों के बावजूद, किसी कारण से कंस्ट्रक्शन का काम शुरु नहीं हो सका।

मई 2015 में, राज्य सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एएआई या एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया का समर्थन लेने का फैसला किया और इस काम को आगे बढ़ाया गया। बाद में जून 2020 में, बौद्ध तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने के लिए हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया था।

फरवरी 2021 में, हवाई अड्डे को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी मिल गई, जो लखनऊ और वाराणसी के बाद उत्तर प्रदेश में तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया है।

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