कोरोना महामारी से दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, केजरीवाल ने केंद्र से लगाई बेड बढ़ाने की गुहार

by Siddharth Chaturvedi 11 months ago Views 2312

Health system crumbles in Delhi from Corona, Kejri
पिछले कुछ दिनों से लगातार देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

अगर पिछले कुछ दिनों की बात करें तो कोरोना के कारण मौत का आँकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दिल्ली में कोरोना से 83 लोगों की मौत हुई वहीं कल यानी बुधवार को 85 लोगों की मौत हुई, दिल्ली में स्वास्थ विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 6-11 नवंबर तक 459 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।


वहीं अगर दिल्ली में कोरोना के मामलों की बात करें तो वो भी नित नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। बुधवार को ही नए कोरोना के मामलों में नया रिकॉर्ड बना है जो है 8,593 है।दिल्ली में स्वास्थ विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 6-11 नवंबर तक 43,322 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

वहीं आपको बता दें कि पिछले 24 घंटे में हुई 64121 सैंपल की जांच में 13.40 फीसदी संक्रमित मिले हैं, जो राष्ट्रीय औसत 4.2 फीसदी से करीब तीन गुना अधिक है। दिल्ली में फिलहाल 42629 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से विभिन्न अस्पतालों में 8497, कोविड केयर सेंटर में 825 और कोविड हेल्थ सेंटर में 279 मरीज हैं। होम आइसोलेशन में 24435 मरीज उपचाराधीन हैं।

पर यह सब देखते हुए हमें यह नहीं भूलना चाहिए की दिल्ली में कोरोना के इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की क़िल्लत हो सकती है। अगर अभी के ताज़े आँकड़ों की बात करें तो दिल्ली में कुल 16,586 कोरोना के लिए बेड हैं जिनमें से सिर्फ़ 7,971 ख़ाली हैं और यह संख्या रोज़ आने वाले कोरोना के मामलों से भी कम है जो अपने आप में एक भयावह स्तिथि पैदा कर सकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि कोरोनोवायरस के मामलों में वृद्धि से निपटने के लिए 300 आईसीयू बेड सहित 1,092 बेड प्रदान किए जाएं, जो नवंबर के अंत तक प्रति दिन लगभग 12,000 तक चढ़ने का अनुमान है।

देश की राजधानी का हर चौथा शख्‍स कोरोना वायरस की चपेट में आ चुका है। दिल्‍ली सरकार के ताजा सीरोलॉजि‍कल सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है। 15,000 लोगों में SARS-CoV-2 के खिलाफ ऐंटीबॉडीज का पता लगाने के लिए अक्‍टूबर में यह सर्वे हुआ था। वहीं, सितंबर के सीरो सर्वे के मुकाबले, आंकड़ों में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

दिल्‍ली सरकार ने ताजा रिपोर्ट के आंकड़े बुधवार को हाई कोर्ट के सामने रखे। सुनवाई के दौरान, दिल्‍ली सरकार को ढिलाई के लिए अदालत से फटकार भी मिली।

अदालत ने कहा, "आज दिल्‍ली कोविड-19 संक्रमण के मामले में पूरे महाराष्‍ट्र और केरल को भी पीछे छोड़ रही है। जब बाकी राज्‍यों में नंबर घट रहे हैं तो फिर केवल आपके राज्‍य में मामले क्‍यों बढ़ रहे हैं? या तो कोई स्थिति पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है या फिर नियंत्रण में कमी है।"

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