क्या एक साल में दुनिया और ज़्यादा ख़तरनाक हो गई है ?

by M. Nuruddin 7 months ago Views 1568

Has the world become more dangerous?
दुनिया भर में, यह भावना व्यापक है कि पिछले एक साल में दुनिया और ज़्यादा ख़तरनाक हो गई है। स्टेटिस्टा ने इप्सोस के एक नए सर्वेक्षण के हवाले से बताया है कि, 28 देशों के 82 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि वे इस भावना से कुछ हद तक या पूरी तौर से सहमत हैं कि दुनिया पिछले साल के मुक़ाबले और ज़्यादा ख़तरनाक हुई है।

दुनिया में हालात के ख़राब और अच्छे होने को लेकर एक सर्वे किया गया है जिसमें यह जानकारी सामने आई है। सर्वे के मुताबिक़ कोलंबिया के 91 फीसदी लोग सोचते हैं कि दुनिया अब और ज़्यादा ख़तरनाक हो गई है। जबकि अमेरिका के 86 फीसदी उत्तरदाताओं ने माना कि वैश्विक स्तर पर हालात ख़राब हो रहे हैं जिनमें 41 फीसदी इसको लेकर पूरी तरह सहमत थे।


जबकि चीन के 68 फीसदी उत्तरदाता मानते हैं कि दुनिया एक साल में और ज़्यादा ख़तरनाक हुई लेकिन इनमें सिर्फ 13 फीसदी ने इस बात पर पूरी तरह से सहमति जताई। इस मामले में भारत के 31 फीसदी उत्तरदाता पूरी तौर पर सहमत हुए कि वैश्विक स्तर पर पिछले एक साल में हालात बदतर हुए हैं।

हालांकि सर्वे में दूसरे तरीके से सवाल पूछे जाने पर पता चला कि चीन के लोग सबसे ज़्यादा आशावादी यानि ऑप्टिमिस्ट हैं। मसलन चीन के 86 फीसदी लोग कुछ हद तक या पूरी तौर से मानते हैं कि वैश्विक स्तर पर हालात सुधर रहे हैं लेकिन यहां भी सिर्फ 14 फीसदी उत्तरदाताओं ने इस बात पर पूरी तरह सहमति जताई।

हालांकि भारतीय इस मामले में ज़्यादा आशावादी हैं। मसलन यह पूछे जाने पर कि क्या विश्व स्तर पर हालात बदतर होने के बजाय सुधर रहे हैं, तो भारत के 26 फीसदी उत्तरदाताओं ने माना कि विश्व स्तर पर हालात में सुधार हो रहे हैं।

जबकि इस वैश्विक स्तर पर हालात बदतर होने के सवाल पर दुनिया की 49 फीसदी आबादी ने माना कि हालात बिगड़ने की बजाय सुधर रहे हैं लेकिन सिर्फ 9 फीसदी ही इस बात पर पूरी तरह सहमत हुए।

इनके अलावा सर्वे में भारत के 79 फीसदी उत्तरदाताओं ने माना कि देश में आतंकवादी हमलों का ख़तरा कुछ हद तक या पूरी तौर से रहता है। जबकि 75 फीसदी ने माना कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यकों के बीच हिंसा बढ़ी है। वहीं भारत के 81 फीसदी उत्तरदाताओं ने माना कि उनकी निगरानी और जासूसी की जा रही है।

महत्वपूर्ण यह है कि ये सर्वे ज़्यादा शहरी लोगों पर किया गया है। सर्वे में शिक्षित और जानकारी लोगों को ही शामिल किया गया जो आम लोगों से ज़्यादा समृद्ध माने जाते हैं। सर्वे में 28 देशों के 22,016 अडल्ट आबादी को शामिल किया गया जिनकी आबादी 16-75 साल के बीच थी।

यह सर्वे 24 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच किया गया। सर्वे में भारत के 500 एडल्ट आबादी से बुज़ुर्ग आबादी तक शामिल किए गए थे।

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