GoReport: उत्तर प्रदेश में 9 करोड़ ग़रीब लेकिन योगी सरकार 15 करोड़ को बांट रही 'मुफ़्त अनाज'

by M. Nuruddin 6 months ago Views 1711

हैरत की बात यह है प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री, आज़ादी के 75 साल बाद भी कथित तौर पर सिर्फ उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ ग़रीबों को "मुफ्त अनाज" देकर अपनी "खुशी का इज़हार" कर रहे हैं...

7-9 crore poor in Uttar Pradesh but Yogi governmen
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा कर रहे हैं कि राज्य में 15 करोड़ ग़रीब आबादी को सरकार मुफ्त अनाज दे रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट, ट्विटर और फेसबुक पेज पर आपको ऐसे सैकड़ों पोस्टर मिल जाएंगे जिसमें यह दावे किए गए हैं।

पोस्टर पर "आज़ादी का अमृत महोत्सव" अभियान के लोगो भी हैं, जिसपर लिखा हुआ है "15 करोड़ लोगों को डबल राशन का उपहार, डबल इंजन की सरकार।" 


पोस्टर पर आप देख सकते हैं, जहां बताया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार, केन्द्र सरकार के साथ मिलकर सभी 15 करोड़ ग़रीब आबादी जो अंत्योदय और गृहस्थी कार्डधारक हैं उन्हें मुफ्त अनाज दिया जा रहा है।

पोस्टर में प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री की एक झोले पर तस्वीर लगी है लेकिन उसपर केन्द्रीय योजना "प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना" का टैग दिया गया है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों में इस बात का ज़िक्र करते दिख सकते हैं कि "मुफ्त अनाज" यूपी सरकार की तरफ से दिया जा रहा है। पोस्टर पर यह भी लिखा है कि "सोच ईमानदार, काम दमदार।"

अब हम आंकड़ों की बात करते हैं !

हाल ही में नीति आयोग ने देश में मल्टिडायमेंशनल ग़रीबी को लेकर अपनी एक वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें राज्यवार ग़रीबी के आंकड़े दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश उन टॉप पांच राज्यों में शामिल है जहां सबसे ज़्यादा ग़रीबी है। नीति आयोग (सरकारी संस्था) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उत्तर प्रदेश 37.79 फीसदी ग़रीब आबादी के साथ देश में ग़रीबी के मामले में तीसरे स्थान पर है।

अब अगर हम संख्या के हिसाब से देखें तो उत्तर प्रदेश की आबादी 23.78 करोड़ है। नीति आयोग (सरकारी संस्था) के मुताबिक़ इनमें 37.79 फीसदी आबादी ग़रीब है। यानि नीति आयोग के आंकड़ों के विषलेशण से पता चलता है कि राज्य की 8.9 करोड़ या करीब 9 करोड़ आबादी ग़रीबी में है।

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों में उत्तर प्रदेश की 15 करोड़ आबादी के ग़रीबी में होने का दावा करते हैं, जो राज्य की कुल आबादी का 63 फीसदी है।

योगी आदित्यनाथ अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भी देश की 80 करोड़ आबादी को “मुफ़्त अनाज” देने का दावा कर रहे हैं। यह दावे ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में सैकड़ों बार कर चुके हैं।

गोन्यूज़ ने आपको पहले भी बताया था कि देश में 80 करोड़ ग़रीबों का ये आंकड़ा साल 2013 का है। मसलन यूपीए सरकार ने फूड सिक्योरिटी अधिनियम के तहत साल 2013 में देशभर में 80 करोड़ ग़रीब आबादी को चिन्हित किया था, जिन्हें “मुफ़्त अनाज” दिया जा सके।

आसान भाषा में कहें तो देश में 80 करोड़ ग़रीबों का आंकड़ा करीब आठ साल पुराना है। इससे एक लाज़्मी सवाल यह है कि क्या 2014 नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद ग़रीबी में कोई कमी नहीं आई ?

आज़ादी का अमृत महोत्सव और उत्तर प्रदेश में ग़रीबी !

"आज़ादी के 75 साल में पिछली सरकारों ने क्या किया ?" यह सवाल आप प्रधानमंत्री से लेकर सभी भाजपा मुख्यमंत्रियों और नेताओं की रैलियों में सुन सकते हैं। हैरत की बात यह है प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री, आज़ादी के 75 साल बाद भी कथित तौर पर सिर्फ उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ ग़रीबों को "मुफ्त अनाज" देकर अपनी "खुशी का इज़हार" कर रहे हैं।

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