GoExclusive: नई तालिबान सरकार में 50 फीसदी मंत्रियों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध

by M. Nuruddin 9 months ago Views 1505

यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की वेबसाइट पर मौजूदा सरकार में ऐसे 15 मंत्रियों के नाम मिले जिनपर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है...

UN sanctions on 50 percent of ministers in new Tal
अफ़ग़ानिस्तान (अब इस्लामिक अमिरात) में तालिबान ने अंतरिम सरकार बना ली है। तालिबान के संस्थापकों में एक मुल्लाह मुहम्मद हसन अखुंद को इस सरकार का मुखिया यानि प्रधानमंत्री बनाया गया है। इनके अलावा मुल्लाह अब्दुल ग़नी बरादर और मोलवी अब्दुल सलाम हनफी सरकार में डेप्युटी पीएम बनाए गए हैं।

अंतरिम सरकार में कुल 33 लोगों को शामिल किया गया है जिन्हें अलग-अलग मंत्रालय सौंपा गया है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें करीब 50 फीसदी मंत्रियों पर युनाइटेड नेशन ने प्रतिबंध लगा रखा है।


संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि गुलाम एम. इसाकज़ई ने बुधवार को अपने एक ट्वीट में बताया, ’33 तालिबान कैबिनेट सदस्यों में से 17 UN की प्रतिबंध सूची में हैं। इसमें उनके अंतरिम पीएम, दोनों डेप्युटी पीएम, आंतरिक, रक्षा और विदेश मामले के मंत्री भी शामिल हैं।’

युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की वेबसाइट से गोन्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक़ बड़ी संख्या में तालिबानी हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया हुआ है। यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की वेबसाइट पर मौजूदा सरकार में ऐसे 15 मंत्रियों के नाम मिले जिनपर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है। इनमें अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री मुल्लाह मुहम्मद हसन अखुंद भी शामिल हैं।

इनके अलावा दोनों डेप्युटी पीएम अब्दुल ग़नी बरादर और अब्दुल सलाम हनफी भी युनाइटेड सिक्योरिटी काउंसिल के प्रतिबंध लिस्ट में हैं। अब्दुल ग़नी बरादर तालिबानी शासन के पहले कार्यकाल के दौरान रक्षा मंत्री रह चुके हैं और सलाम हनफी पहले कार्यकाल में शिक्षा मंत्री रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ तालिबानी सरकार के इंटीरियर मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के ख़िलाफ तो इंटरपोल ने नोटिस जारी किया हुआ है। सिराजुद्दीन हक्कानी पर संयुक्त राष्ट्र ने भी पाबंदी लगाई हुई है।

मुल्लाह मुहम्मद याक़ूब मुजाहिद तालिबानी सरकार में रक्षा मंत्री बनाए गए हैं और इनका नाम भी यूएन की प्रतिबंध लिस्ट में शामिल है। इनके अलावा हज और औक़ाफ मंत्री मोलवी नूर मुहम्मद साक़िब, विदेश मंत्री मोलवी आमिर ख़ान मुत्तक़ी, डेप्युटी विदेश मंत्री शेर मुहम्मद अब्बास जो तालिबानी शासन के पहले कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रहे थे, वो भी प्रतिबंध लिस्ट में शामिल हैं।

रिफ्ज़ी मंत्री ख़लिलुर रहमान हक्कानी, इंटेलिजेंस मंत्री अब्दुल हक़ वसीक़ भी शामिल हैं जो तालाबिनी शासन के पहले कार्यकाल के दौरान भी इंटेलिजेंस मंत्री रहे थे।

तालिबान शासन के पहले कार्यकाल के दौरान हेरात प्रांत और काबुल के गवर्नर, तालिबान के प्रवक्ता और इंटरनल मामलों के मंत्री रहे मुल्लाह ख़ैरुल्लाह ख़ैरख्वाह को इस कार्यकाल में सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय दिया गया है। इनके अलावा मुल्लाह मुहम्मद ईसा अख़ुंद जो तालिबान के पहले कार्यकाल में वॉटर, सैनिटेशन और इलेक्ट्रिसीट मंत्रालय के मंत्री रहे थे उन्हें इस कार्यकाल में पेट्रोलियम मंत्रालय दिया गया है।

इनके अलावा मौजूदा वॉटर एंड इलेक्ट्रिसटी मंत्री, मोलवी लतीफ मंसूर और डेप्यिटी इंटीरियर मंत्री नूर जलाल भी युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रतिबंध लिस्ट में हैं।

ग़ौरतलब है कि तालिबानी नेता सरकार में महिलाओं को शामिल करने की भी बात कही थी लेकिन सरकार में एक भी महिला को जगह नहीं दी गई है। साथ ही अफ़ग़ानिस्तान के राजनीतिक दलों को भी सरकार में जगह देने की बात कही गई थी लेकिन सरकार में एक भी स्थानीय पार्टी को शामिल नहीं गया है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र के संगठनों और राज्यों द्वारा अन्य राज्यों, संस्थाओं या व्यक्तियों के खिलाफ लागू किए गए डिप्लोमेटिक फैसले हैं। ये प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा हितों, शांति और अंतर्राष्ट्रीय कानून को बनाए रखने के लिए सुरक्षा के उपाय हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आम तौर पर एक निश्चित देश-नामित व्यक्ति या संगठन के साथ सांस्कृतिक, आर्थिक, व्यापारिक और राजनयिक संबंधों पर विशेष प्रतिबंध होते हैं।

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