लॉकडाउन के चलते जीडीपी में 23.9 फ़ीसदी की ऐतिहासिक गिरावट, FY21 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1876

GDP figures for the first quarter of the current f
देश के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक के बाद एक बुरी खबर आ रही है। अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून की पहली तिमाही के लिए भारत की जीडीपी -23.9 प्रतिशत पर पहुंच गयी है।


बता दें कि जून तिमाही के जीडीपी के आंकड़े स्वतंत्रता के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में सबसे ख़राब प्रदर्शन है। जारी एनएसओ के आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्यूंकि यह महामारी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर पहला सरकारी बेंचमार्क साबित होगा।

2020-21 की अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान कृषि को छोड़कर सभी क्षेत्रों में ज़बरदस्त गिरावट देखी गयी है। निर्माण क्षेत्र में 50.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में 39.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

इन दो उद्योगों के अलावा, बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में 7 फीसदी की गिरावट आई है। होटल, परिवहन, संचार और सेवाएं 47.0 प्रतिशत सिकुड़ी हैं। केवल कृषि, और मछली पकड़ने के उद्योग में जून की तिमाही में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। ज़ाहिर है भारतीय अर्थव्यवस्था का बुरा दौर आगे भी जारी रहने वाला है।

जून तिमाही का जीडीपी आंकड़ा -23.9 प्रतिशत भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास का सबसे ख़राब प्रदर्शन है। इसका सबसे बड़ा कारण  25 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गया लॉकडाउन है। 

4 घंटे में घोषित हुआ लॉकडाउन 70 दिनों से ज्यादा चला और इस दौरान देश में आर्थिक गतिविधियो पर पूरी तरह ब्रेक लग गया था। इस अवधि में देश में वायरस के फैलाव पर रोक लगाने के लिए केवल आवश्यक सेवाओं जैसे कि खाद्य पदार्थों और दवाओं की अनुमति दी गई थी।

बता दें कि इससे पहले रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की अपनी रिपोर्टों में कहा गया था कि देश पर छाई मंदी काफी समय तक टिकने वाली है। एसबीआई के मुताबिक कोरोना से जूझ रहे देश में हालत इतने ख़राब हैं कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानि अप्रैल, मई और जून के आंकड़े पूरी तरह से शून्य हो सकते हैं।

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