विदेशी निवेशकों के लिए LIC IPO में 20 फीसदी निवेश मंज़ूर !

by M. Nuruddin 3 months ago Views 1922

LIC IPO से पहले विदेशी निवेशकों को लेकर केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कुछ नए ऐलान किए हैं। कैबिनेट ने मंगलवार को विदेशी निवेशकों के लिए 20 फीसदी निवेश निर्धारित किया है।

Foreign investors allowed 20 percent investment in
LIC IPO से पहले विदेशी निवेशकों को लेकर केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कुछ नए ऐलान किए हैं। कैबिनेट ने मंगलवार को विदेशी निवेशकों के लिए 20 फीसदी निवेश को मंज़ूरी दी है। केन्द्र का मानना है कि इससे कंपनी की मार्केट में लिस्टिंग आसान होगी। इसके लिए DPIIT - Department for Promotion of Industry and Internal Trade ने वित्त मंत्रालय के सामने प्रस्ताव रखा था।

वर्तमान एफडीआई पॉलिसी के मुताबिक़ बीमा क्षेत्र में ऑटोमेटिंक रूट के तहत 74 फीसदी विदेशी निवेश की इजाज़त है। हालांकि, ये नियम भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पर लागू नहीं होते हैं। यही वजह है कि सरकार को एलआईसी आईपीओ के लिए नियम में संशोधन करना पड़ा है।


सेबी के नियमों के मुताबिक़, सार्वजनिक पेशकश के तहत एफपीआई और एफडीआई दोनों की इजाज़त है। चूंकि एलआईसी अधिनियम में विदेशी निवेश के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए विदेशी निवेशक भागीदारी के संबंध में प्रस्तावित एलआईसी आईपीओ को सेबी के मानदंडों के साथ संरेखित करने की ज़रूरत थी।

कैबिनेट ने पिछले साल जुलाई में एलआईसी आईपीओ को मंज़ूरी दी थी और अगले महीने मार्च के लिए कंपनी की हिस्सेदारी की बिक्री की योजना है। ग़ौरतलब है कि 13 फरवरी को एलआईसी ने सेबी को एक रेड हेरिग प्रोस्पेक्टस दायर किया था जिसमें कंपनी ने इसके पांच फीसदी (31.6 करोड़) शेयर को मार्केट में लिस्ट करने का प्रस्ताव दिया था।

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हालांकि भारतीय निवेशकों के लिए कंपनी ने दो योजनाएं बनाई हैं जिनमें कंपनी के पॉलिसिधारकों के लिए दस फीसदी शेयर आरक्षित किए गए हैं। नियमों के मुताबिक़ कंपनी के शेयर में सिर्फ वो ही भारतीय निवेश कर सकेंगे जो आईपीओ के समय भारत में मौजूद होंगे।

2021 में FDI घटा !

DPIIT के मुताबिक़ अप्रैल-दिसंबर 2021 की अवधि के दौरान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) इक्विटी फ्लो 16 फीसदी घटकर 43.17 अरब अमरीकी डालर हो गया। पिछले साल की इसी अवधि के दौरान FDI 51.47 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा था।

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जबकि महामारी की पहली लहर यानि साल 2020 की बात करें तो डिजिटल सेक्टर में बंपर निवेश की वजह से विदेशी निवेश 13 फीसदी बढ़े थे।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली !

भारतीय बाज़ार के लिए जनवरी का महीना विदेशी निवेश के लिहाज़ से ख़राब रहा है। मसलन 3 से 28 जनवरी के बीच यूएस फेडरल रिज़र्व के ब्याज़ दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत के बीच भारतीय बाज़ार से विदेशी निवेशकों ने 28,243 करोड़ रुपये निकाल लिए थे।

इसी दरमियान उन्होंने ऋण खंड में 2,210 करोड़ रुपये और हाइब्रिड उपकरणों में 1,696 करोड़ रुपये का निवेश भी किया था। ऐसे में जनवरी महीने में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली 24,337 करोड़ रूपये रही थी।

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हालांकि स्टॉक मार्केट में निवेशकों का मानना है कि विदेशी निवेश वैश्विक माहौल पर भी निर्भर करता है। ऐसे में अब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख़ ख़राब हो सकता है और अगर युद्ध बढ़ता है तो बाज़ार से बिकवाली भी बढ़ सकती है।

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