Final Results 2022: चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की वापसी, पंजाब में AAP को सत्ता

by GoNews Desk 3 months ago Views 6234

Final Results 2022: BJP returns to power in four s
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की एक बार फिर वापसी हुई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में पार्टी ने दोबारा जीत हासिल की है। मणिपुर में बीजेपी ने जोड़-तोड़ कर सरकार बनाई थी और चुनाव में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 

जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की पहली बार जीत हुई है और पार्टी सभी राज्यों के मुक़ाबले पंजाब में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जबकि कांग्रेस पार्टी का सभी राज्यों से सफाया हो गया। 


इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि राज्यवार राजनीतिक दलों का कैसा प्रदर्शन रहा।


उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले कम सीटें मिली हैं लेकिन पार्टी का वोट शेयर बढ़ा है।

2017 के चुनाव में बीजेपी को 39.67 फीसदी वोट मिले थे जबकि 2022 में पार्टी का वोट शेयर 41.3 फीसदी हो गया है जो पिछले चुनाव के मुक़ाबले 1.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी है। जबकि इसकी तुलना में बीजेपी की सीटें कम गईं। 

मसलन 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीती थीं जो 2012 के मुक़ाबले 265 सीटें ज़्यादा थीं। हालांकि अब 2022 के चुनाव में पार्टी को 255 सीटों पर जीत मिली है और 57 सीटों का नुक़सान हुआ है।

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पंजाब

पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक शानदार जीत हासिल हुई है। बेहतर सार्वजनिक सेवाओं, अच्छी गुणवत्ता वाले स्कूलों और अस्पतालों का वादा, पंजाब में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए लगातार प्रचार का विषय बना रहा। 

इसी के बदौलत दिल्ली में आप को लगातार दो बार जीत हासिल हुई। राज्य में आप का सीधा मुक़ाबला कांग्रेस के साथ माना जा रहा था और पार्टी ने 90 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल की।

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उत्तराखंड

उत्तराखंड एक अन्य राज्य है जहां भारतीय जनता पार्टी की सीटें भी कम हुई है और वोट शेयर भी घटा है। 70 सीटों वाले विधानसभा में 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 46.5 फीसदी वोट मिले थे और 57 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और पार्टी 2012 के मुक़ाबले 26 सीटों की बढ़त मिली थी। 

2022 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उत्तराखंड में दस सीटों का नुक़सान हुई है और 47 सीटें पर जीत मिली। इसके साथ ही पार्टी का वोट शेयर 2.2 फीसदी घटकर 44.3 फीसदी रह गया है। 

इनके अलावा कांग्रेस के लिए यह एक अन्य राज्य रहा जहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा लेकिन सीटों में थोड़ा इज़ाफा ज़रूर हुआ है। राज्य के चुनाव में कांग्रेस ने 37.9 फीसदी वोट शेयर के साथ 19 सीटें जीती हैं, जो 2012 के मुक़ाबले 4.4 फीसदी ज़्यादा वोट शेयर के साथ आठ सीटों का फायदा हुआ है। 

इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी ने पिछले चुनाव के मुक़ाबले दो सीटों की बढ़ बनाई है लेकिन पार्टी का वोट शेयर 7 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रह गया है।

 

मणिपुर

मणिपुर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत वाली जीत हासिल की है। 60 सीटों वाले विधानसभा में पार्टी को 32 सीटें मिली है जिससे वो अपने बल बूते सरकार बना सकती है।

मणिपुर एकमात्र राज्य है जहां बीजेपी का वोट शेयर भी बढ़ा है और सीटें भी बढ़ी है। 2022 के चुनाव में बीजेपी ने 37.8 फीसदी वोट शेयर (2017 से 1.5 फीसदी ज़्यादा) के साथ 32 सीटें हासिल की है जो 2017 के मुक़ाबले 11 सीटें ज़्यादा है। 

2017 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बहुमत भी नहीं मिली थी और क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर उसने सरकार बनाया था। कांग्रेस मणिपुर में 16.8 फीसदी वोट शेयर के साथ पांच सीटों पर ही सिमट गई।

जबकि 2017 के चुनाव में पार्टी को 35.1 फीसदी वोट शेयर के साथ 28 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि बाद में पार्टी के विधायकों ने पार्टी को त्याग दिया और बीजेपी में शामिल हो गए थे, जिससे कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी।

इनके अलावा क्षेत्री दलों में नेशनल पिपुल्स पार्टी ने 17.2 फीसदी वोट शेयर के साथ सात सीटें जीतीं, जनता दल युनाइटेड ने 10.7 फीसदी वोट के साथ 6 सीटें और नागा पिपुल्त फ्रंट ने 8.1 फीसदी वोट के साथ पांच सीटों पर जीत हासिल की। साथ ही  पांच सीटें अन्य के खाते में गई।

 

गोवा

गोवा भी उन राज्यों में शामिल था जहां 2017 चुनाव के बाद बीजेपी ने जोड़-तोड़ कर सरकार बनाई थी। अब 2022 के चुनाव में भी बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुई है। इस चुनाव में बीजेपी ने 33.3 फीसदी वोट शेयर के साथ 20 सीटें हासिल की हैं। 

हालांकि 2017 के चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 13 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और 32.5 फीसदी वोट मिले थी। साथ ही 2012 के मुक़ाबले पार्टी को आठ सीटों का नुक़सान हुआ था।

दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में 23.5 फीसदी वोट के साथ 11 सीटों पर सिमट गई। जबकि 2017 के चुनाव में पार्टी को 17 सीटें हासिल हुई थी और 28.4 फीसदी वोट मिले थे। साथ ही बता दें कि कांग्रेस को 2012 के मुक़ाबले तब आठ सीटों का फायदा हुआ था लेकिन सरकार बनाने में नाकाम रही थी। 

इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस जो बड़े ज़ोर-शोर से गोवा के चुनावी मैदान में उतरी थी, एक भी सीट नहीं मिली।

वहीं आम आदमी पार्टी को 6.8 फीसदी वोट के साथ दो सीटें, महाराष्ट्रवादी गोमंत को 7.6 फीसदी वोट के साथ दो सीटें और गोवा फॉर्वर्ड पार्टी को एक, रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी को एक सीट मिली है।

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