लॉकडाउन बढ़ने का ख़ौफ़, सूरत में दिहाड़ी मज़दूर और पुलिस आमने-सामने

by Shahnawaz Malik 2 years ago Views 2417

Fear of lockdown extension, daily wage workers and
गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में दिहाड़ी मज़दूर लॉकडाउन तोड़ते हुए सड़कों पर उतर गए. दिहाड़ी मज़दूरों का कहना है कि लॉकडाउन बढ़ा तो उनके सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा हो जाएंगे. सूरत के डीसीपी राकेश बरोट के मुतताबिक दिहाड़ी मज़दूरों ने सड़क जाम करने के साथ-साथ पत्थरबाज़ी भी की. 60 से 70 मज़दूरों को हिरासत में लिया गया है. मज़दूर अपने घर जाने की मांग कर रहे हैं.

गुजरात का सूरत शहर टेक्सटाइल इंडस्ट्री का गढ़ माना जाता है. यहां बड़े पैमाने पर यूपी, बिहार समेत कई राज्यों के हज़ारों मज़दूर काम करते हैं. इन्हें डर सता है कि लॉकडाउन बढ़ने पर उनकी भूख कैसे मिटेगी क्योंकि सभी कारख़ाने फिलहाल बंद हैं. मज़दूर अपने घर भी नहीं लौट सकते क्योंकि लॉकडाउन के चलते तमाम शहरों और राज्यों की सीमाएं सील हैं. इसके अलावा आने-जाने के सभी साधन भी ठप पड़े हैं.


24 की अप्रैल को अचानक लागू हुए लॉकडाउन की सबसे तगड़ी मार दिहाड़ी मज़दूरों पर ही पड़ी है. लाखों की तादाद में मज़दूरों को दिल्ली, मुंबई जैसे शहर छोड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने गांव जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. कई दिहाड़ी मज़दूरों की इस दौरान मौत भी हुई है.

केंद्र और राज्य सरकारें दावा कर रही हैं कि लॉकडाउन के दौरान ग़रीब तबके को चावल, गेहूं, दाल वग़ैरह मुहैया करवाया जाएगा लेकिन यह सहूलियत नाकाफ़ी साबित हो रही है.

देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्य सरकारें लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन लॉकडाउन बढ़ने से करोड़ों दिहाड़ी मज़दूरों की हालत और बिगड़ने का ख़तरा है.

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