19वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे किसान बोले- पीएम ख़ुद आएं सामने, वापस ले कानून

by Ankush Choubey 11 months ago Views 1744

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उनका साथ देने की बात कही है और वो भी उपवास पर रहेंगे

Farmers sitting on hunger strike on 19th day said-
कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली की बॉर्डर पर किसान लगातार डटे हुए हैं।  किसानों के आंदोलन का आज 19वां दिन है और अब यह आंदोलन उग्र होता जा रहा है। आज देशभर में किसान भूख हड़ताल पर हैं।  अपनी मांगों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई,  सरकार ने किसानों को लिखित प्रस्ताव भी भेजा।  मगर किसानों ने दो टूक कहा की कानून वापस लेने से कुछ कम मंज़ूर नहीं है।  किसानों की मांग है कि बैठकों में खुद पीएम मोदी को सामने आना चाहिए, ताकि किसानों की समस्या सुनी जाए और सीधे कानूनों को रद्द कर दिया जाए। आज दिल्ली के नाकों पर अलग-अलग जगह किसान सुबह 8 बजे से ही अनशन पर बैठ गए हैं।

भारतीय किसान यूनियन,पंजाब के महासचिव हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा है कि, हम सरकार को नींद से जगाना चाहते हैं। आज हमारे संयुक्त मोर्चा के 40 किसान नेता दिल्ली की सभी सीमाओं पर सुबह 8.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक भूख हड़ताल पर रहेंगे। इनमें से 25 सिंघु बॉर्डर पर, 10 टिकरी बॉर्डर पर और पांच यूपी बॉर्डर बैठेंगे।


किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान भूख हड़ताल जारी रखेंगे।  साथ ही उन्होंने बताया, कि इस काले कानूनों की वजह से अन्नदाता भूख हड़ताल कर रहे हैं। मगर सरकार को कुछ भी नज़र नहीं आरहा है और जब तक सरकार किसानों यह कानून वापस नहीं लेती यह आंदोलन जारी रहेगा।  जाहे इसके लिए किसानों को कई महीनों ही क्यों न आंदोलन करना पड़े।

किसानों के आंदोलन के चलते ट्रैफिक काफी प्रभावित हुआ है। इस बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ट्वीट के मुताबिक हरियाणा के लिए झरोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बडुसराय, राजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।  जबकि सिंघु, औचंदी, पियाउ मनियारी और मंगेश बॉर्डर बंद हैं। वहीं टीकरी और धनसा बॉर्डर किसी भी ट्रैफिक मूवमेंट के लिए बंद हैं जबकि झटीकरा बॉर्डर केवल दो पहिया और पैदल चलने वालों के लिए खुला है।

वहीं गाजीपुर बॉर्डर नोएडा और गाजियाबाद की तरफ से दिल्ली आ रहे ट्रैफिक के लिए बंद है। ऐसे में लोगों को दिल्ली आने के लिए चिल्ला, आनंद विहार, डीएनडी, अपसरा और भोपुरा से आने को कहा गया है। इस बीच दिल्ली समेत पुरे एनसीआर में पुलिस द्वारा सुरक्षा को काफी कड़ा किया गया है और सैकड़ों की तादात में हर बॉर्डर पर जवानों को तैनात किया गया है। वहीँ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उनका साथ देने की बात कही है और वो भी उपवास पर रहेंगे। केजरीवाल ने ट्वीट किया -किसानों ने आह्वान किया है कि कल एक दिन का उपवास रखना है। आम आदमी पार्टी इसका पूरा समर्थन करती है। मैं भी कल अपने किसान भाइयों के साथ उपवास रखूँगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने अरविंद केजरीवाल द्वारा किसानों के समर्थन में सोमवार को उपवास रखने की घोषणा को नाटक बताया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 23 नवंबर को कृषि कानूनों में से एक को बेशर्मी से अधिसूचित कर किसानों की पीठ में छुरा भोंका है और यह सिर्फ और सिर्फ दिखावा है। बीते एक हफ्ते के भीतर किसानों का यह दूसरा देशव्यापी प्रदर्शन होगा। इससे पहले, पिछले मंगलवार को किसानों ने 'भारत बंद' का आह्वान किया था।  विभिन्न राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों ने भी किसानों के भारत बंद का समर्थन किया था । सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद, किसानों का कहा कि जब तक नए कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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