किसान मार्च को दिल्ली में प्रवेश की इजाज़त नहीं, हरियाणा में 12 किसान नेता गिरफ्तार

by Rahul Gautam 1 year ago Views 2169

Farmers march not allowed to enter Delhi, 12 farme
नये कृषि कानूनों के के ख़िलाफ़ 26 नवंबर को किसान संगठनों के दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शहर में विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं होगी, वहीं हरियाणा ने अगले तीन दिनों के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाने से बचने की सलाह दी है। इस बीच ख़बर है कि हरियाणा में फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, सिरसा समेत कई स्थानों पर छापेमारी करके पुलिस ने 12 किसान नेताओं को गिरफ्‍तार किया है।

तीन सौ से ज्यादा किसान संगठनों का मोर्चा नये कृषि कानूनों पर  दो महीने से देशभर में आंदोलन चला रहा है। इस आंदोलन का सबसे ज़्यादा असर हरियाणा और पंजाब में है जहाँ न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के लिए बड़ा मुद्दा है। किसान संगठनों की ओर से 26 नवंबर को दिल्ली पहुँचकर डेरा डालने का ऐलान किया गया था। ज़ाहिर है, दिल्ली जाने वाले तमाम रास्तों पर किसानों का कब्ज़ा हो सकता है।


इसी को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कल से 3 दिनों के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर जान से बचने की सलाह दी है। हरियाणा पुलिस ने कहा कि "कानून और व्यवस्था" को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश को ध्यान में रखते हुए सड़क पर बैरिकेड लगाए गए हैं।

हरियाणा पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि -"अम्बाला, भिवानी, करनाल, बहादुरगढ़, झज्जर और सोनीपत (दिल्ली जाने से पहले) में इकट्ठा होने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों द्वारा एक विशिष्ट कॉल दिया गया है।

कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अवरोधक बनाए जाएंगे। सभी नागरिकों को सूचित किया जा रहा है ताकि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना बना सकें और संशोधित कर सकें। अंबाला, हिसार, रेवाड़ी और पलवल की ओर से दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

उधर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि  COVID-19 के मद्देनज़र शहर में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। दिल्ली के डीसीपी ईश सिंघल का कहना है कि कोरोनावायरस के बीच जनसमूह को इकट्ठा होने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा, 'यूपी, हरियाणा और पंजाब के किसान संगठन 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में मार्च करेंगे। कोरोनोवायरस के दौरान किसी भी जनसमूह की अनुमति नहीं है। स्थिति बेहतर होने पर आप उचित अनुमति लेकर यहां आ सकते हैं। अगर प्रदर्शनकारी तब भी यहां आते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'

उधर, किसान संगठनों ने अपने नेताओं की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया जतायी है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के इशारे पर किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। किसान नेताओं को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा में इसके ख़िलाफ़ कई जगह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूँका गया।

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