Exclusive: दूसरी लहर के में केन्द्र ने कोविड प्रबंधन पर कम ख़र्च किया

by GoNews Desk 8 months ago Views 1534

EXCLUSIVE: Government Spent Less When Covid Deaths
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए घोषणाओं के दावे के उलट इस सप्ताह जारी सरकार के ही आंकड़ों से पता चलता है कि महामारी पर केन्द्र सरकार कम ख़र्च किया है। संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान 273,000 लोग या तो स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में या फिर संक्रमण की वजह से मारे गए।

आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2021-22 के मार्च-जून तिमाही के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य सहित अन्य ज़रूरतों पर साल 2018 में महामारी से पहले किए ख़र्च की तुलना में कम ख़र्च किया है। एक विश्लेषण से पता चलता है कि जब लोग अस्पताल में भर्ती होने के लिए दर-दर भटक रहे थे और अस्पताल ऑक्सीजन की कमी के लिए एसओएस जारी कर रहे थे, तब सरकार पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन पर अपने ख़र्च में कटौती करने में व्यवस्त थी। 



इस साल मार्च-जून के दौरान भारत में कुल 237,382 लोगों की मौत हुई, जबकि सार्वजनिक खर्च में पिछली तिमाही की तुलना में 19 फीसदी से अधिक की कटौती देखी गई। विपक्ष ने संसद में सरकार पर महामारी नियंत्रण उपायों के कुप्रबंधन के आरोप भी लगाए, जबकि सरकार ने दावा किया कि सभी सावधानियां बरती गई है।

साल 2020 के दौरान पहली लहर के बाद सरकारी ख़र्च में बढ़ोत्तरी तो हुई लेकिन फिर मार्च 2021 को नया वित्तीय वर्ष शुरु होने के बाद आवंटन को कम कर दिया गया। 

सांख्यिकी और योजना कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत सेवाओं पर सरकार ने मार्च-जून तिमाही के दौरान 379,205 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि इससे पहले सरकार ने दूसरी तिमाही में 4.02 लाख करोड़ और पहली तिमाही में 3.58 लाख करोड़ रूपये ख़र्च किया था। 

हालांकि सरकार ने अभी तक स्वास्थ्य सेवाओं पर कितना ख़र्च किया गया है इसका लेखा-जोखा जारी नहीं किया है लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य पर ज़्यादा ख़र्च करने की बात कही थी। पिछले साल वित्त मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था लेकिन इस पैकेज का इस्तेमाल कहां हुआ, इसका कुछ पता नहीं चला।

भारत में संक्रमण की वजह से अबतक 442,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जो ब्राजील में 584,000 संक्रमण की वजह से मौतों की तुलना में दूसरे नंबर पर है। इनमें आधे से ज़्यादा भारतीय की मौत मार्च से जून महीने के दौरान हुई जब सरकार अपने ख़र्च में कटौती करने में लगी थी।

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