ईयू डिसइन्फ़ोलैब की रिपोर्ट में एएनआई पर फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने का आरोप

by GoNews Desk 9 months ago Views 1450

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सबसे बड़ी वीडियो समाचार एजेंसी एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) और श्रीवास्तव ग्रुप नामक एक व्यापार समूह ने 'मिसइन्फोर्मशन कैंपेन' यानि भ्रामक और एक तरफा खबरें चलाई।

EU disinformation report, ANI accused of spreading
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स स्थित ईयू डिसइन्फोलैब नामक एनजीओ ने रिपोर्ट प्रकाशित कर भारत की एक अग्रणी न्यूज़ एजेंसी एएनआई पर गंभीर आरोप लगाए है। 'इंडियन क्रॉनिकल्स' शीर्षक वाली रिपोर्ट में दावा किया गया है की कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि चमकाने के लिए और कुछ विशेष मुल्कों को बदनाम करने के लिए इस न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सबसे बड़ी वीडियो समाचार एजेंसी एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) और श्रीवास्तव ग्रुप नामक एक व्यापार समूह ने 'मिसइन्फोर्मशन कैंपेन' यानि भ्रामक और एक तरफा खबरें चलाई । गौरतलब है की श्रीवास्तव ग्रुप वही समूह है जिसने कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद यूरोपीय यूनियन के सदस्यों का दौरा आयोजित किया था।


डिसइन्फोलैब की लगभग एक साल चली जांच को फ्रांस में लेस जर्स जैसे बड़े मीडिया ग्रुप ने प्रमुखता से छापा है। लेस जर्स ने इस रिपोर्ट के बारे में एक फेक न्यूज़ एक्सपर्ट का बयान भी छापा है जिसमे उन्होंने भारत में चलाई जा रही 'मिसइन्फोर्मशन कैंपेन' को एक ऐसे नेटवर्क के तौर पर इंगित किया है जिसकी तुलना 2016 के अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में रूस की दखलअंदाज़ी से की जा सकती है। ध्यान रहे, उस समय आरोप लगे थे की रूस ने चुनावों को सोशल मीडिया और एक तरह के नैरेटिव चलाकर प्रभावित किया था।

ईयू डिसइन्फोलैब की वेबसाइट पर पोस्ट की गई जाँच रिपोर्ट  से पता चलता है कि श्रीवास्तव ग्रुप के नेतृत्व में एक ख़ास तरह का नैरेटिव चलाया जाता है जिसे एएनआई अपने बड़े सब्सक्राइबर बेस के चलते बड़ा कर देती है। रिपोर्ट के मुताबिक यह सब शुरू हुआ 2005 में और आज की तारीख तक जारी है।

इस ख़ास नैरेटिव में भारत के जिन देशों के साथ संबंध अच्छे नहीं है, उन्हें ख़राब छवि पेश की जाती है। ऐसा विशेष तौर पर पाकिस्तान और कुछ हद तक चीन के साथ किया जाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है की कैसे श्रीवास्तव ग्रुप से जुड़े और संयुक्त राष्ट्र के मान्यता प्राप्त 10 एनजीओ अंतर्राष्ट्रीय फोरमों जैसे यूएन और यूरोपीय यूनियन में भारत के पक्ष में और पाकिस्तान के विपक्ष में माहौल बनाते है।

बाद में इन्ही श्रीवास्तव ग्रुप से जुड़े एनजीओ की रिपोर्टो को एएनआई इस तरह पेश करता है की भारतीय दर्शको को लगता है की मोदी के फैसलों का यूरोप में काफी समर्थन मिल रहा है। डिसइन्फ़ोलैब की रिपोर्ट कहती है, एएनआई खबरों को 'जानबूझ कर घुमा फिराकर' पेश करती है।  हालांकि, इन आरोपों को एएनआई को ख़ारिज कर दिया है और इसे पाकिस्तान प्रायोजित साज़िश करार दिया है।

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