लॉकडाउन में ठप्प अर्थव्यवस्था से बिजली की मांग 25 फीसदी तक गिरी: ऊर्जा मंत्रालय

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1313

Electricity demand in the country falls by 24.9% i
देश में जर्जर हो चुकी अर्थव्यवस्था के चलते बिजली की मांग में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण 25 मार्च को 4 घंटे में लगा लॉकडाउन है जिसकी वजह से देश का आर्थिक पहिया पूरी तरह से रुक गया था। नए आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल से सितंबर तक देश में बिजली की मांग ज़बरदस्त तरीके से घटी है जिससे साफ़ पता लगता है की कैसे देश में आर्थिक गतिविधिया ढप्प पड़ रही है।

ऊर्जा मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2019 में जहा देश में बिजली की पीक डिमांड 1,69,315 मेगावाट्स थी, वहीं मार्च 2020 में ये आंकड़ा पहुंच गया 1,70,749 मेगावाट्स। फिर लागू हुआ लॉकडाउन और अप्रैल 2019 में जहां देशभर बिजली की पीक मांग थी 1,77,424 मेगावाट्स, वो अप्रैल 2020 में घटकर रह गयी 1,33,200 मेगावाट्स यानि 24.9% की गिरावट। इसके बाद मई 2019 में 1,82,533 मेगावाट्स की पीक मांग थी, जोकि घटकर 1,66,890 मेगावाट्स रह गयी यानि 9.1% की गिरावट। इसी तरह देश में बिजली की मांग जून में 9.3% घटी, जुलाई में 3.2% और अगस्त में 6.5% की गिरावट दर्ज़ हुई है। ये गिरावट साल 2019 के आंकड़ों की तुलना में दिखाई देती है।


ऊर्जा मंत्रालय के इन आंकड़ों से बिल्कुल साफ़ है कि कैसे कोरोना से बचने के लिए लगे लॉकडाउन ने उद्योग-धंधों की कमर तोड़ कर रख दी थी और देश अभी भी उस झटके से उभर ही रहा है।

देश में बिजली की मांग के आंकड़ों को अगर औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े से मिलान करें तो तस्वीर बिल्कुल साफ़ हो जाती है। मसलन अप्रैल-जुलाई की अवधि में औद्योगिक उत्पादन का आंकड़ा 29.2 फीसदी सिकुड़ गया था। इससे पहले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों को जारी कर बताया था अप्रैल-जून की पहली तिमाही के लिए भारत की जीडीपी 23.9 प्रतिशत सिकुड़ गयी है लेकिन सबसे चिंता की बात ये है कि अगस्त महीने में भी ये गिरावट दिखाई दे रही है जब लॉकडाउन ख़त्म हुए 2 महीने पुरे हो चुके हैं।

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