आठ मंत्रालयों ने बेचने के लिए संपत्तियों की लिस्ट तैयार, 150 ट्रेनों की भी 'बिक्री'

by GoNews Desk 8 months ago Views 5675

राज्यसभा में इसके नियम पूछे जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देने से भी इनकार ही किया...

Eight ministries prepared a list of properties to
केन्द्र की मोदी सरकार परिसंपत्ति की बिक्री से 2.5 लाख करोड़ रूपये जुटाने के लक्ष्य से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसबार के अपने बजट में खुलेतौर पर सरकारी संपत्ति को बेचने की योजना पेश की थी। इसी कड़ी में मंत्रालयों ने कई ऐसी संपत्तियों को चिन्हित किया है जिसे बेचकर सरकार पैसा जुटा पाएगी। शॉर्टलिस्ट की गई संपत्तियां आठ मंत्रालयों के दायरे में आती है।

इसी लिस्ट में 150 पैसेंजर ट्रेनों को भी प्राइवेट हाथों में देने की योजना शामिल है। इनके अलावा दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद हवाई अड्डों में एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया की बची इक्विटी हिस्सेदारी के भी डिसइन्वेस्टमेंट यानि विनिवेश की योजना है। साथ ही क्रिकेट स्टेडियम जैसे जवाहरलाल नेहरू क्रिकेट स्टेडियम को भी विनिवेश के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।


नीति आयोग ने वित्त वर्ष 2021-24 तक की अवधि के लिए सरकारी संपत्तियों के मोनेटाइजेशन यानि विमुद्रीकरण के लिए एक लिस्ट तैयार की है। आयोग ने मंत्रालयों को उन संपत्तियों का ब्योरा देने के लिए कहा है जिसे मोनेटाइज़ कर पैसे जुटाए जा सकें। इसके लिए 2021-22 के बजट से पहले मंत्रालयों के सचिवों ने बैठक की थी और संपत्तियों की पहचान कर एक लिस्ट बनाने पर चर्चा की थी।

हालांकि सरकार संपत्तियों को बेचने की योजना पर पिछले दो साल से काम कर रही है। जबकि वित्त मंत्री ने अपने हालिया बजट में संपत्तियों को बेचने की पूरी योजना का एक ब्योरा पेश किया। सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंक के डिसइन्वेस्टमेंट की भी बात कही है जिसके ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारी दो दिनों तक हड़ताल पर रहे। राज्यसभा में इसके नियम पूछे जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देने से भी इनकार ही किया।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान रेल मंत्रालय ने संपत्तियां बेचकर 90 हज़ार करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई संपत्तियों की लिस्ट बनाई गई है। इसी में 150 पैसेंजर ट्रेनों को प्राइवेट हाथों में देने की योजना भी शामिल है। माना जा रहा है कि इसी महीने की आख़िरी तक 50 रेलवे स्टेशनों के रि-डेवलपमेंट के लिए एक प्रपोज़ल जारी किया जा सकता है।

हालांकि मंगलवार को ही रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में रेलवे को प्राइवेटाइज़ नहीं करने के बारे में सदन को आश्वस्त किया था। उन्होंने सदन में कहा, ‘भारतीय रेल कभी प्राइवेटाइज़ नहीं होगी, भारतीय रेल भारत की संपत्ति है भारत की रहेगी। भारत के लोगों की रहेगी।’ इसके साथ ही उन्होंने प्राइवेटाइज़ेशन की वक़ालत भी की।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने 7,200 किलोमीटर लंबी सड़कों को अलग-अलग माध्यमों से बनाने की योजना बना रही है। इनमें इन्वेस्टमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट और टोल-ऑपरेट ट्रांसफर शामिल है जिसके माध्यम से सड़क निर्माण का काम किया जाएगा। इनके अलावा सरकार पीजीसीआईएल या पॉवर ग्रिड एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ट्रांसमिशन संपत्तियों को दो लॉट में बेचने की योजना बनाई है। इसी वित्त वर्ष के दौरान पहले लॉट में सरकार ने सात हज़ार करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

इनके अलावा टेलिकॉम मंत्रालय ने बीएसएनएल, एमटीएनएल और भारतनेट के हिस्से को बेचकर 40 हज़ार करोड़ रूपये जुटाने की योजना पेश की है। यही नहीं स्पॉर्ट्स स्टेडियमों की भी बिक्री होगी और यूथ अफेयर्स और स्पॉर्ट्स मंत्रालय ने इससे 20 हज़ार करोड़ जुटाने की योजना बनाई है।

एविएशन मंत्रालय का एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के तहत आने वाले 13 एयरपोर्ट, दिल्ली, मुंबई, बैंग्लोर और हैदराबाद के एयरपोर्ट में बची हिस्सेदारी बेचकर 20 हज़ार करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य है। साथ ही शिपिंग मंत्रालय ने भी 30 बर्थ बेचकर चार हज़ार करोड़ जुटाने क योजना बनाई गई है।

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