हाथरस केस में FSL रिपोर्ट पर सवाल उठाने वाले डाक्टर बरख़ास्त

by GoNews Desk 1 year ago Views 1236

Doctor sacked for questioning FSL report in Hathra
गैंगरेप केस में एफएसएल रिपोर्ट पर सवाल उठाने वाले डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही पीड़िता के मेडिकल लीगल केस रिपोर्ट पर दस्तख़त करने वाले डाक्टर को भी हटा दिया गया है। हाथरस गैंगरेप केस को लेकर उठे तूफान के बीच प्रशासन ने तुरंत कह दिया था कि दलित लड़की के साथ रेप हुआ ही नहीं। इसके लिए फारेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट को आधार बनाया गया था जिसमें कहा गया था कि कोई सीमेन नहीं मिला।

अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी एंड ट्रामा सेंटर में मेडिकल अफसर के रूप में तैनात डा.मलिक ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाया था। डॉ.मलिक ने कहा था कि एफएसएल के लिए सैंपल रेप के 11 दिन बाद लिया गया था जबकि गाइडलाइन्स के मुताबिक रेप के 96 घंटे के भीतर सैंपल लेने पर ही रेप की पुष्टि हो सकती है।


डा.मलिक का ये सवाल मीडिया में काफी उछला था और सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। मंगलवार को मेडिकल कालेज के सीएमओ डा.शाह ज़ैदी ने पत्र लिखकर डॉ.मलिक को  सेवा समाप्त करने की जानकारी दी। इसी के साथ डॉ.ओबेद हक़ को भी बरख़ास्त कर दिया गया है। डॉ.हक़ ने पीड़िता के मेडिकल लीगल केस रिपोर्ट पर दस्तख़त किये थे।

हालाँकि अलीगढ़ मु्स्लिम युनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि इन डॉक्टरों को निकाले जाने का हाथरस केस से कोई जुड़ाव है। प्रशासन के मुताबिक कुछ डॉक्टरों के बीमार होने की वजह से इन डाक्टरों को 'लीव वैकेंसी' पर लाया गया था। अब इनकी ज़रूरत नहीं रह गयी। इसलिए सेवा समाप्त की गयी है।

लेकिन डॉ.अज़ीम मलिम ने साफ़ कहा है कि हाथरस केस में मीडिया से बात करने की उन्हें सज़ा दी गयी है। वैसे, एफएसएल रिपोर्ट पर सवाल सिर्फ़ डा.मलिक ने ही नहीं  उठाया था, मेडिकल प्रोफ़ेशन से जुड़े तमाम लोगों ने इस पर सवाल उठाया था। इसके अलावा कई वरिष्ठ वकीलों ने भी एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर रेप न होने की दलील पर प्रशासनिक अधिकारियों की क़ानूनी जानकारी पर सवाल उठाया था।

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