कोरोना काल: भारत में ऑक्सीजन की किल्लत, पर दूसरे देशों को डबल सप्लाई

by Siddharth Chaturvedi 6 months ago Views 3813

Despite COVID-19 crisis at home, India doubled oxy
पूरे देश में कोरोना महामारी से हाहाकर मचा है, अस्पतालों में ऑक्सीजन की क़िल्लत हो रही है और राज्य लगातार केंद्र से गुहार किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर बोलें तो देश में माहौल डर का है।

कोरोना लगातार अपने पैर पसार रहा है और इसी के चलते ऑक्सीजन की भारी मात्रा में ज़रूरत पड़ रही है। यहाँ तक कि अब केंद्र ने ख़ुद कह दिया है कि देश को ऑक्सीजन आयात करना होगा। यह सब देखकर ऐसा लगता है कि पिछले साल मार्च में शुरू हुए कोरोना संकट के बाद भी देश में ऑक्सीजन का स्टॉक बनाए रखने के लिए कोई ख़ास कोशि​श नहीं की गई। और हम ऐसा इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी के बीच ऑक्सीजन का निर्यात दोगुना बढ़ा है।


वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों पर ग़ौर करें तो पता चलता है कि अप्रैल से जनवरी 2021 के बीच भारत से ऑक्सीजन का निर्यात दोगुना होकर क़रीब 9.5 हज़ार मेट्रिक टन तक पहुंच गया और इससे करीब 8.9 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि यह निर्यात इस बात के बावजूद हुआ कि भारत कोरोना वायरस से प्रभावित दुनिया के शीर्ष तीन देशों में से था और यहां खुद ऑक्सीजन की भारी ज़रूरत थी। गौरतलब है कि इसके पहले पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान भारत ने करीब 4.5 हज़ार मेट्रिक टन का ऑक्सीजन निर्यात किया था जो अब इस महामरी के दौर में दोगुने से भी ज़्यादा हो गया है।

बता दें कि जो कुल ऑक्सीजन भारत ने निर्यात किया है उसका भारी हिस्सा सर्फ़ पड़ोसी देश बांग्लादेश को गया है। बांग्लादेश को 8,828.30 मेट्रिक टन का ऑक्सीजन निर्यात किया गया तो वहीं इसके बाद लिस्ट में नाम आता है नेपाल का जिसे मात्र 216.13 मेट्रिक टन का ऑक्सीजन निर्यात किया गया।

वैसे आपको बता दें कि मेडिकल ऑक्सीजन कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे गंभीर मरीजों के इलाज के लिए काफी महत्वपूर्ण संसाधन होता है और इसी की कमी ने अब चारों ओर कोहराम मचाया हुआ है।

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