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देशी ट्विटर 'कू' पर लगा यूज़र डेटा लीक करने का आरोप

by M. Nuruddin 3 months ago Views 2077

टेस्टिंग से पता चला है कि यह ऐप यूज़र का ईमेल, जन्म तिथि, नाम, लिंग, वैवाहिक स्थिति की जानकारी किसी थर्ड पार्टी को लीक कर रहा है।

Desi Twitter 'Koo' accused of leaking user data
‘आत्मनिर्भर ऐप कू’ अपने यूज़र का डेटा लीक करने के मामले में विवादों में घिरता नज़र आ रहा है। एक चर्चित एथिकल हैकर एलियट एल्डरसन ने दावा किया है कि ‘कू’ ऐप अपने यूज़र का डेटा लीक कर रहा है। हाल ही में ट्विटर और मोदी सरकार के बीच तकरार के बाद यह ऐप चर्चा में आया है। ‘कू’ ऐप को भारत में ट्विटर का विकल्प माना जा रहा है। पीयूष गोयल सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, केंद्रीय मंत्रालयों और केंद्र सरकार के अन्य विभागों ने इसपर अपना अकाउंट बना लिया है और लोगों से भी इससे जुड़ने की अपील की है।

यूज़र की डेटा प्राइवेसी को लेकर ‘कू’ के संस्थापक अप्रेमय राधाकृष्ण ने बताया कि, ‘अभी हम मोनेटाइज़िंग नहीं कर रहे हैं इसलिए किसी थर्ड पार्टी को डेटा साझा करने की आवश्यक्ता नहीं है। हम हमेशा कुछ नया करेंगे और कोशिश करेंगे और मोनेटाइज़ेशन के लिए ऐसा तरीका निकालें जिसमें यूज़र के डेटा को कोई जोखिम न हो।’


एथिकल हैकर एलियट एल्डरसन ने दावा किया कि उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘कू’ की टेस्टिंग की है। टेस्टिंग से पता चला है कि यह ऐप यूज़र का ईमेल, जन्म तिथि, नाम, लिंग, वैवाहिक स्थिति की जानकारी किसी थर्ड पार्टी को लीक कर रहा है। एल्डरसन ने पिछले दिनों आधार और आरोग्य सेतु ऐप में भी खामियां उजागर की थी।

‘कू’ पर एथिकल हैकर एल्डरसन के दावे के बाद कंपनी के संस्थापक अप्रमेय राधाकृष्ण ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ‘डेटा लीक के बारे में कुछ खबरें अनावश्यक रूप से चल रही हैं। विज़िबल डेटा ऐसा है जिसे यूज़र ने खुद कू के अपने प्रोफाइल में शो किया है। इसे डेटा लीक नहीं कहा जा सकता। अगर आप किसी यूज़र की प्रोफ़ाइल पर जाते हैं तो आप इसे वैसे भी देख सकते हैं।’ हालांकि इसको लेकर एल्डरसन ने जवाब भी दिया है और कहा कि उन्होंने पहले ही इसकी जांच की थी जो सच नहीं है।

‘आत्मनिर्भर कू’ !

इससे पहले ‘कू’ की ‘आत्मनिर्भरता’ को लेकर भी सवाल उठ चुका है। कंपनी का दावा है कि यह एक रजिस्टर्ड भारतीय कंपनी है जबकि इसमें चीनी निवेशक शुंवेई कैपिटल ने निवेश किया था। इसे लेकर कंपनी ने सफाई दी है कि ऐप बनाने के लिए ढाई साल पहले फंड रेज़िंग की गई थी। हाल ही में 3वन4 कैपिटल नाम की कंपनी ने इसमें निवेश किया है। शुंवेई सिंगल डिजिट निवेशक था जिसने शुरुआती दिनों में निवेश किया था। अब चीनी निवेशक को पूरी तौर से हटाया जा रहा है।

प्लेस्टोर पर एप के डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि यह एक असली ‘आत्मनिर्भर एप’ है। इस एप को अगस्त 2020 में आयोजित आत्मनिर्भर एप इनोवेशन चैलेंज में दूसरा स्थान मिला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ हाल के दिनों में ‘कू’ में 4.1 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। इनमें एक्सल पार्टनर, कलारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स और ड्रीम इन्क्यूबेटर जैसी कंपनियों ने निवेश किया।

‘कू’ ऐप, देशी ट्विटर !

देशी माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘कू’ को ट्विटर के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसके ऐप को 14 नवंबर 2020 को प्ले स्टोर पर लॉन्च किया गया था। यह दस देशी भाषा हिन्दी, तेलुगू, कन्नड़, बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी, पंजाबी, ओड़िया और असमी में मौजूद है। ‘कू’ एप प्लेस्टोर और एप्पल एप स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप को प्ले स्टोर पर औसतन 4.5 और एप्पल स्टोर पर 4.1 रेटिंग मिली है और अब तक दस लाख से ज़्यादा लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया है।

‘कू’ लगभग ट्विटर की ही तरह काम करता है। यूजर इसमें एक दूसरे को फॉलो कर सकते हैं, एप के जरिए फोटो, वीडियो, ऑडियो और मेसेज एक दूसरे के साथ साझा कर सकते हैं। ‘कू’ को देशी ट्विटर भी कहा जा रहा है। अब तक इस ऐप पर सूचना मंत्रालय, डिजिटल इंडिया, इंडिया पोस्ट, नेश्नल इन्फोर्मेटिक सेंटर, कॉमन सर्विसेज सेंटर और रविशंकर प्रसाद तथा पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्रियों के वैरिफाइड हैंडल हैं।

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