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दिल्ली: मकान मालिक ने घर से निकाल दिया, घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं

by Shahnawaz Malik 12 months ago Views 824

Delhi: The landlord kicked out of the house, no ch
केंद्र और राज्य सरकारें प्रवासी मज़दूरों को उनके घर तक पहुंचाने में बुरी तरह फेल हो गई हैं। दिल्ली समेत तमाम महानगरों से मज़दूर पलायन कर रहे हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर इनका जत्था जगह-जगह चलता दिख रहा है। मई की तपती गर्मी में छोटे-छोटे बच्चों को लिए माएं चली जा रही हैं।

दिल्ली से यूपी जाने वाली सभी सीमाएं सील हैं और हर जगह मज़दूर जमा हैं। दिल्ली ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर अपने बच्चे के साथ पहुंची रीता कहती हैं, 'मैं यूपी में हरदोई की रहने वाली हूं। किराया नहीं चुका पाने पर मकान मालिक ने घर से बाहर निकाल दिया है। बच्चों के साथ पैदल घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।' दिल्ली से हरदोई की दूरी तक़रीबन 500 किलोमीटर है और रीता की तरह तमाम परिवार अपने बच्चों के साथ दिल्ली-यूपी की सीमा पर फंसे हुए हैं।


बड़ी तादाद में प्रवासी मज़दूर साइकिल,  रिक्शा और ऑटो से भी यूपी बिहार के लिए निकल रहे हैं। बिहार के मधुबनी के रहने वाले धनंजय कुमार अपने पांच साथियों के साथ महराष्ट्र से ऑटो से निकले और लखनऊ पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मैं फूड डिलेवरी ब्वॉय का काम करता था। दो महीने के इंतज़ार के बाद जब लगा कि नीतीश कुमार की सरकार कुछ नहीं करेगी तो ऑटो से बिहार निकलने का फैसला किया।'

झारखंड के एक ऑटो ड्राइवर अपने परिवार समेत वापस लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि ढाई महीने से कोई काम नहीं होने के चलते घर लौटने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं था। बिना पैसे के महाराष्ट्र में रहना मुश्किल हो गया था।

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मज़दूरों के लिए यह सफ़र जानलेवा भी साबित हो रहा है। वे सड़क हादसों में हर दिन मारे जा रहे हैं लेकिन घर के निकलना उनकी मजबूरी बन गई है। बुधवार को मध्यप्रदेश के गुना ज़िले में बस और ट्रक की टक्कर में आठ मज़दूरों की मौत हुई थी। गुरुवार को भी इसी तरह का हादसा हुआ और 13 मज़दूर ज़ख़्मी हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। सभी बस से पुणे से उत्तराखंड लौट रहे थे।

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