दिल्ली सरकार ने अपने हलफनामे में कहा- गर्भवती महिलाओं की कोरोना जांच अनिवार्य नहीं

by GoNews Desk 2 years ago Views 170512

Delhi government said in its affidavit - Corona te
कोरोनावायरस महामारी की वजह से अस्पतालों में अन्य बीमारियों के इलाज के लिए जा रहे मरीज़ों का भी पहले कोरोना टेस्ट किया जा रहा है लेकिन इस शर्त के चलते गर्भवती महिलाओं को ख़ासी परेशानी आ रही है. हालांकि दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा है कि अब गर्भवती महिलाओं की कोविड टेस्ट अनिवार्य नहीं है। हालांकि पहले गर्भवती महिलाओं के प्रसव से पहले उनका कोरोना टेस्टिंग अनिवार्य था।

दिल्ली सरकार ने अपने हलफनामें में कहा कि अगर गर्भवति महिला की टेस्टिंग ज़रूरी है तो किया जाना चाहिए, लेकिन प्रसव और दाई प्रबंधन में देरी नहीं की जाएगी। कोरोना टेस्टिंग और रिपोर्ट आने में देरी पर दिल्ली सरकार ने कहा है कि इसके लिए गर्भवती महिलाओं का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाए। ये टेस्ट अस्पताल में ही किए जा सकते हैं और इसका रिज़ल्ट भी 30 मिनट के भीतर पता चल जाता है।


साथ ही सरकार ने कहा है कि अगर गर्भवती महिलाओं में कोविड के लक्षण होने के बावजूद रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो इस स्थिति में आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा सकते हैं। इसकी रिपोर्ट 24 से 48 घंटे के भीतर मिल जाते हैं।

दिल्ली सरकार ने अपने हलफनामें में यह भी कहा, ‘अगर गर्भवती महिला की कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉज़िटिव आती है उन्हें कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में शिफ्ट किया जाना ज़रूरी है। लेकिन इससे पहले ये सुनिश्चित किया जाए कि महिला की हालत बेहतर है और शुरुआती इलाज के बाद शिफ्ट किए जा सकते हैं।’

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