दिल्ली-एनसीआर में आबोहवा हुई खतरनाक, ग्रेटर नोएडा में AQI 550 के करीब

by Ankush Choubey 1 year ago Views 3357

Dangerous weather in Delhi-NCR, AQI reached near 5
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार सर्दी की दस्तक से पहले ही वायु गुणवत्ता खराब हो गई है. हालात का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर महीने के शुरुआती दिनों में ही दिल्ली में सांस लेना दूभर हो गया है.  सोमवार को लगातार दूसरे दिन सोमवार को दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर खराब हो गई है. पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का असर अब दिल्ली-एनसीआर में दिखने लगा है. सोमवार को दिल्ली के कई इलाकों में एअर क्वॉलिटी इंडेक्स का स्तर 300 को पार कर गया, जो खतरनाक स्थिति में है.

एनसीआर में आनंद विहार, शाहदरा और गाजियाबाद में एक्यूआई का स्तर 300 को पार कर गया, जबकि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में दर्ज एक्यूआई 300 से ज्यादा रहा. जोकी  खतरनाक श्रेणी में आता है. सोमवार सुबह ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में एक्यूआई स्तर 547 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद खतरनाक स्थिति में है. आनंद विहार में 337, शाहदरा में 328, गाजियाबाद के संजय नगर में 346, आईटीओ में 275,  इंदिरापुरम में 243, नोएडा के सेक्टर-62 में 231, सेक्टर-116 में 210 रिकॉर्ड किया गया. हालांकि, फरीदाबाद के सेक्टर-30 में एक्यूआई का स्तर 166 ही रहा.


सोमवार को दिल्ली में आईटीओ के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते वह घर से दिन में ज्यादा बाहर नहीं निकलते है. मगर सुबह सैर ज़रूरी है, ऐसे में सोमवार को की सुबह जब सैर पर घर से बाहर निकला तो सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. साथ ही आंखों में जलन भी महसूस हुई. इससे पहले रविवार को दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय कंस्‍ट्रक्‍शन साइटों पर जाकर वहां प्रदूषण के खिलाफ लिए उठाए जा रहे कामों का जायजा लिया. 

गोपाल राय ने दक्षिणी दिल्‍ली के कई इलाकों दौरे के बाद उन्‍होंने एनसीआरटीसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है. जुर्माने का कारण कंस्‍ट्रक्‍शन साइट पर धूल को रोकने के लिए कोई खास इंतजाम का ना होना है. वहीँ मंत्री गोपाल राय ने ट्विटर पर इस बात की जानकारी भी दी. गोपाल राय ने ट्वीट किया - एनसीआरटीसी  विकास सदन, आईएनए के पास के निर्माण कार्य स्थल पर पाई गई प्रदूषण से संबंधित भारी अनियमितताएं.  डीपीसीसी को 50 लाख का जुर्माना लगाने के दिए निर्देश.

गोपाल राय ने कहा है कि प्रारंभिक प्रदूषकों की निगरानी, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों और मोबाइल ऐप दिल्ली ग्रीनके जरिए प्राप्त हुई शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी के लिए 10 सदस्यीय दल गठित किया गया है. वहीं  पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाने से संबंधित आंकडों की भी समीक्षा वॉर रूम में की जाएगी.

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