पांच महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट आवंटन में कटौती; सड़क, हाइवे के लिए आवंटन बढ़ा !

by M. Nuruddin 4 months ago Views 2089

सरकार की योजना थी कि इस योजना के ज़रिए किसानों की आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और योजना विफल साबित हुई...

Cut in budget allocation of five important schemes
आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही भारतीय अर्थव्यवस्था में ख़र्च को बढ़ाने के बजाय सरकार का कटौती करने में ज़्यादा विश्वास है। अगले वित्त वर्ष (2022-23) के लिए केन्द्र सरकार ने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के बजट आवंटन में कटौती कर दी है। यही पैसा दूसरे मदों के आवंट में बढ़ाया गया है।

जैसा कि Gonewsindia ने आपको पहले भी बताया है कि सरकार ने फूड सब्सिडी (Food Subsidy) और एमएसपी (MSP) के बजट आवंटन में कटौती की। इसी तरह कई अन्य योजनाएं भी हैं जिनके बजट आवंटन को बढ़ाने की बजाय घटा दिया गया है, जिनमें ग्रामीण मज़दूरों के लिए शुरु की गई मनरेगा (MGNREGA) भी शामिल है।


मसलन सरकार ने एनएफएसए- नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को मिलने वाले फूड सब्सिडी के  आवंटन को 30 फीसदी तक घटा दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बजट दस्तावेज़ के मुताबिक़ सरकार ने 2021-22 के संशोधित बजट अनुमान 2.1 लाख करोड़ रूपये से कम करके 1.45 लाख करोड़ रूपये कर दिया है।

Gonewsindia ने आपको पहले भी बताया था कि केन्द्र ने महामारी में जीवनदान साबित हुए मनरेगा के बजट को भी कम कर दिया है। सरकार ने इसके बजट में 25 फीसदी की कटौती करके 73,000 करोड़ रूपये कर दिया है।

इनके अलावा डिसेंट्रलाइज़्ड प्रोक्योरमेंट स्कीम के बजट में भी कटौती की गई है। सरकार ने इसका आवंटन 16 फीसदी घटा दिया है। पिछले वित्त वर्ष के संशोधित बजट अनुमान 75,290 करोड़ रूपये के मुक़ाबले अब यह 60,561 करोड़ रूपये कर दिया गया। यह वो आवंटन है जो राशन के खाने के लिए राज्यों को दिया जाता है।

कृषि क्षेत्र महामारी में देश के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हुआ लेकिन सरकार ने कृषि में इस्तेमाल में लाए जाने वाले कई घटकों के बजट घटा दिए हैं।

मसलन उपज की खरीद के लिए एमसएपी, सब्सिडी में कटौती के अलावा सरकार ने यूरिया सब्सिडी का आवंटन भी कम कर दिया। केन्द्र ने इसमें 19 फीसदी की कटौती की है और इसे संशोधित बजट अनुमान 75,930 करोड़ रूपये से घटाकर 63,222 करोड़ रूपये कर दिया है।

अब अगर हम बात करें उन योजनाओं की जिनके लिए सरकार ने बजट आवंटन को बढ़ाया है तो उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग या एनएचएआई, जल जीवन मिशन/नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के आवंटन को बढ़ाया गया है। सरकार ने इन तीनों योजनाओं के बजट में क्रमश: 106 फीसदी, 33 फीसदी और 35 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है।

इससे ज़ाहिर होता है कि सरकार थाली में खाना पहुंचाने की बजाय सड़क, कनेक्टिविटी पर ज़्यादा ध्यान दे रही है। इस वित्त वर्ष में नेशनल हाइवे, ग्रामीण इलाकों में सड़कें और घर-घर पीने का पानी पहुंचाने जैसी योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि Gonewsindia ने आपको सरकार के जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission) के बारे में बताया था कि यह योजना कितनी कामयाब रही ?

आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने 2016-17 में कृषि क्षेत्र के लिए एक “ग्रीन रिवॉल्यूशन स्कीम या हरित क्रांति योजाना” बनाई थी। इसमें कृषि क्षेत्र के अलग-अलग 11 योजनाओं को मिलाकर एक अंब्रेला योजना के तौर पर पेश किया गया था जिसका मक़सद कृषि और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में वैज्ञानिकी तौर-तरीके को बढ़ावा देना था।

सरकार की योजना थी कि इस योजना के ज़रिए किसानों की आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और योजना विफल साबित हुई।

इस योजना के लिए केन्द्र ने 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए 33,269.976 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान इस योजना का आवंटन 8,889 करोड़ रूपये रखा गया था लेकिन अब इस योजना को सरकार ने ख़त्म कर दिया है।

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