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भारत में 'भीड़' चीन से भी तीन गुना, मुंबई-दिल्ली-कोलकाता में सबसे बुरा हाल : रिपोर्ट

by Rahul Gautam 8 months ago Views 1758

'Crowd' in India triples even than China, worst in
देश और दुनिया में बढ़ती जनसंख्या को लेकर तरह-तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं. अब वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने यूरोपीय यूनियन के जनसंख्या घनत्व के आंकड़ों के हवाले से दुनिया का एक 3D नक्शा जारी किया है जिसने भारत के संदर्भ में चौकाने वाली तस्वीर पैदा की है.


इस नक़्शे के मुताबिक भारत की 138 करोड़ जनता चीन के कुल भू-भाग के एक-तिहाई हिस्से में रहती है. आसान भाषा में कहें तो चीन का भूभाग इतना बड़ा है जहां तीन-तीन भारत बसाया जा सकता है जबकि चीन की आबादी भारत से थोड़ी ही ज्यादा है.

वर्ल्ड इकनोमिक फोरम की ओर से जारी तस्वीरों में साफ़तौर पर क्लस्टर देखे सकते हैं, जैसे कि मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता. इस रिपोर्ट में जारी भारत की गयी 3D तस्वीरों से दुनिया के दूसरे मुल्कों की तुलना करें तो पता लगता है कि भारत बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ वाला देश है.

वैसे स्वास्थ्य मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि देश की आबादी के साथ साथ जनसंख्या घनत्व पिछले 10 सालो में ज़बरदस्त तरीके से बढ़ा है और जुलाई 2019 में देश में औसतन एक वर्ग किलोमीटर में 411 लोग रह रहे हैं.  2011 में यही आंकड़ा 386 था.

सबसे ख़राब स्तिथि दिल्ली में है जहां एक वर्ग किलोमीटर में 13 हज़ार 446 लोग रहते हैं. चंडीगढ़ दूसरे नंबर पर है जहां एक वर्ग किलोमीटर में 10 हज़ार 386 रहते है। पुडुचेरी में जनसंख्या घनत्व 5153, बिहार में 1276, पश्चिम बंगाल में 1094, उत्तर प्रदेश में 938 और केरल में 905 है. सबसे कम जनसंख्या घनत्व अरुणाचल प्रदेश में है जहां एक वर्ग किलोमीटर में केवल 18 लोग रहते हैं.

स्टैटिस्टा वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में जनसंख्या घनत्व के मामले में भारत 27वें स्थान पर आता है लेकिन चीन के अलावा बाकी सभी मुल्क बेहद छोटे मुल्क हैं. बता दें कि इसी वेबसाइट के मुताबिक चीन का जनसँख्या घनत्व 671 है.

ज़ाहिर है चीन के मुकाबले भारत कम विकसित देश और यहां गरीबी ज्यादा है. ऐसे में घनत्व बढ़ने के साथ-साथ देश के संसाधनों पर भार ज्यादा पड़ता है.

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