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भारत में कोरोना संक्रमितों की तादाद एक करोड़ पार, सिर्फ़ अमेरिका से पीछे

by M. Nuruddin 4 months ago Views 1738

दुनिया में 133 देश ऐसे हैं जहाँ कि आबादी ही एक करोड़ से कम है...

Corona infections exceed one crore in India, behin
भारत में कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की तादाद एक करोड़ के पार पहुंच गयी है। यानी अमेरिका के बाद दुनिया मे कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज भारत में है। दुनिया में 133 देश ऐसे हैं जहाँ कि आबादी ही एक करोड़ से कम है।

पॉपुलेशन रिपोर्ट के मुताबिक़ सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरस की आबादी 9,904,607 है जो कि भारत में कोविड के मामलों से कम है। इस कड़ी में युनाइटेड अरब अमीरात, हंगरी, तजाकिस्तान, बेलारुस, ऑस्ट्रिया और इज़रायल जैसे देश शामिल हैं। इस मामले में सरकार के तमाम दावे विफल साबित हुए। केन्द्र हमेशा दावा करता रहा कि लॉकडाउन से संक्रमण के मामलों को क़ाबू करने में कामयाबी हासिल हुई है। हालांकि 25 मार्च तक देश भर में संक्रमण के मामले महज़ 618 थे।


वैसे, सितंबर महीने से संक्रमण के मामलों में गिरावट देखी जा रही है। जबकि अमेरिका में प्रति दिन 2-2.5 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं ब्राजील में कोविड के हर रोज़ 50 हज़ार से भी ज़्यादा मरीज़ मिल रहे हैं। इनके अलावा जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, और रूस में भी संक्रमण के मामलों में उछाल आया है। इनमें कई देशों में हर रोज़ 20 हज़ार नए मरीज़ों की पहचान हो रही है।

सितंबर के मध्य तक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण चरम पर था। तब हर रोज़ 90 हज़ार से ज्यादा संक्रमित मरीज़ मिल रहे थे। हालांकि संक्रमण के मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद लगातार गिरावट देखी जा रही है। जहां सितंबर महीने में दस लाख एक्विट मरीज़ थे वो अब गिरकर तीन लाख रह गये है। संक्रमण की वजह से मौतों में भी गिरावट देखी गई है। सितंबर के मध्य में भारत में हर रोज़ एक हज़ार से ज़्यादा मरीज़ों की मौत हो रही थी। अब यह संख्या 400 से भी कम है। भारत में अब तक 1.45 लाख संक्रमित मरीज़ों की मौत हो चुकी है।

कोविड संक्रमण के मामलों में गिरावट के लिए जानकार दो वजह बताते हैं कि- या तो टेस्टिंग कम कर दी गई है या फिर लोग कड़ाई से सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं। जानकार मानते हैं कि कोविड  से जितने लोग संक्रमित हैं, उससे ज़्यादा लोग इसकी चपेट में आकर ठीक हो चुके हैं। कुछ सर्वे बताते हैं कि देश की करीब 40-50 फीसदी या उससे भी ज़्यादा आबादी इस वायरस की चपेट में आ चुकी है और अपना इम्युनिटी बढ़ा चुकी है।

हालांकि इसका कोई सबूत फिलहाल नहीं है। उधर वैक्सीन निर्माण का काम ज़ोरों पर है। दो वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों एस्ट्रा ज़ेनेका और फाइज़र ने केन्द्र सरकार से वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाज़त मांगी है। सरकार की तरफ से इसपर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। केन्द्र से इजाज़त मिलने के बाद ये कंपनियां टीकाकरण शुरु करेंगी।

भारत का लक्ष्य है कि फरवरी महीने तक एक करोड़ फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जाए। उसके अगले महीने में दो करोड़ इसेंशियल कर्मचारी और फिर अगस्त 2021 तक 27 करोड़ आम लोगों के टीकाकरण की योजना है। पहले 50 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों और दो करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगेगा। इसके बाद अगस्त 2021 तक 27 करोड़ आम लोगों के टीकाकरण की योजना है।

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