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इंसान-जानवर में टकराव बढ़ा, रोज़ एक से ज्यादा इंसान की हाथियों के चलते मौत : सरकार

by Rahul Gautam 3 weeks ago Views 1077
Conflict between humans and animals increased, mor
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देश में जंगलों में बढ़ता इंसानी दखल अब उनकी मौत की वजह बन रहा है. पर्यावरण मंत्रालय के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि पिछले छह सालों में सिर्फ हाथियों के हमले में 2633 लोग मारे जा चुके हैं. इसके अलावा साल 2015 से 2019 के बीच तक़रीबन 250 लोगों की जान बाघ ले चुके हैं.

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पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक साल 2014-15 में हाथियों ने 418 लोगो की जान ली. वहीं 2017-18 में 506 और पिछले साल सितंबर तक 272 लोग हाथियों के हमलों में मारे गए. सबसे ज़्यादा मौतें 447 मौतें ओडिशा में दर्ज हुईं जबकि पश्चिम बंगाल में 433 और असम में 375 लोग मारे गए. आसान भाषा में कहें तो देश में हर रोज़ एक से ज्यादा इंसान की जान हाथियों से हो रही मुठभेड़ में जा रही है.

इसी तरह साल 2015 से 2019 के बीच 229 लोग बाघों के हमले में मारे गए. सबसे ज्यादा 62 लोगों की जान अकेले पश्चिम बंगाल में गयी, वहीं उत्तर प्रदेश में 48 लोग मारे गए. जानकारों के मुताबिक जंगलों के नज़दीक बढ़ती इंसानी आबादी और खाने-पानी की कमी जैसे कारणों के चलते हाथी-बाघ जैसे जंगली जानवर इंसानी बस्तियों की तरफ रुख कर रहे हैं. इसका हर्जाना इंसान और जानवर दोनों जान देकर चुका रहे हैं.

ऐसा भी कई बार देखने को मिलता है कि कैसे जंगली जानवर जब इंसानी बस्तियों में घुसे तो डर और भय के चलते इंसान ने उस जानवर की जान लेने में बिलकुल गुरेज नहीं किया।