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पैंगांग झील और गोगरा हॉट स्प्रिंग में चीनी सैनिकों की मौजूदगी बरक़रार, बातचीत बेनतीजा रही

by Shahnawaz Malik 8 months ago Views 1291

Chinese troops maintain presence in Pangong Tso la
भारत-चीन के राजनयिकों के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए गुरुवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही. चीन पैंगांग त्सो झील और गोगरा हॉट स्प्रिंग के इलाक़े के अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि दोनों देशों ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया है और दोनों देश ईमानदारी से सैनिकों को पीछे हटाने की दिशा में काम जारी रखेंगे.

लद्दाख़ में सीमा विवाद मई में पैदा हुआ था और तबसे दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर की यह चौथी बातचीत थी. इसके अलावा सैन्य अधिकारियों के स्तर पर भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है. हालांकि इतने राउंड बातचीत के बावजूद चीन अपने सैनिकों को पैंगांग त्सो झील और गोगरा हॉट स्प्रिंग के इलाक़े से पीछे नहीं हटाने पर अड़ा हुआ है.


इस मुलाक़ात को चीन ने सकारात्मक बताते हुए कहा है कि दोनों देश सैनिकों को पीछे हटाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. चीन ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सहमति का पालन होना चाहिए.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी इसे कैंडिड और इन डेप्थ बातचीत क़रार दिया है. उन्होंने कहा, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और दो विशेष प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते को लागू करने पर सहमति बनी हुई है और दोनों देशों ने वेस्टर्न सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सैनिकों को पीछे हटाने की रज़ामंदी ज़ाहिर की है. अनुराग श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने एलएएसी से सैनिकों को पीछे हटाने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर बारीक़ी से बातचीत जारी रखने को ज़रूरी माना है.

इस मीटिंग में भारत का पक्ष पूर्वी एशिया मामलों के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव ने रखा जबकि चीन की अगुवाई हॉन्ग लियांग कर रहे थे जो चीन के विदेश मंत्रालय में सीमा विभाग के महानिदेशक हैं. इस मुलाक़ात के बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि दोनों देशों ने एलएसी के ताज़ा हालात की समीक्षा की. दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को सकरात्मक तरीक़े से आंका गया है. बाक़ी अनसुलझे मुद्दों पर भी कैंडिड और इन डेप्थ बातचीत हुई है.

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