ads

चीन कर रहा वीगर मुसलमानों का नरसंहार: अमेरिकी विदेश मंत्री

by M. Nuruddin 2 months ago Views 2143

वीगरों के मानवाधिकार के लिए अभियान चला रहे लोगों का कहना है कि, चीन वीगर संस्कृति को ख़त्म करने की कोशिश कर रहा है और मुसलमानों को सूअर के मांस और शराब पीने पर मजबूर किया जा रहा है।

China is committing genocide and crimes against hu
व्हाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन का आज आख़िरी दिन है। अपने आख़िरी दिन में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन पर बड़ा हमला बोला है। माइक पॉम्पियो ने वीगर मुसलमानों को लेकर कहा कि चीन ने वीगरों का दमन कर जनसंहार किया है। अहम बात ये है कि इससे बाइडन सरकार में विदेश मंत्री बनने जा रहे एंटनी ब्लिंकन ने भी सहमति जताई है।

मानवाधिकार समूंह पहली भी अपनी रिपोर्ट में दावा कर चुके हैं कि चीन में वीगर मुसलमानों के साथ बंधुआ मज़दूरों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। चीन ने अपने शिंजियांग प्रांत में बड़ी संख्या में वीगर मुसलमानों को डिटेंशन कैंप में रखा हुआ है। हालांकि चीन का दमनकारी रवैया सिर्फ विगरों के ख़िलाफ़ ही नहीं है बल्कि कज़ाख, हान और किर्गिज़ जाति के लोग भी इसी संकट में रहने को मज़बूर हैं।


अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘मेरा मानना है कि ‘पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ शिंजियांग में मानवता के खिलाफ नरसंहार और अपराध कर रहा है। चीन, वीगर मुसलमानों और अन्य जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को निशाना बना रहा है।’

माइक पॉम्पियो ने फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में भी इस बात का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, ‘घटनाओं की संपूर्ण दस्तावेज यह पुष्टि करता है कि चीन सरकार, कम से कम मार्च 2017 के बाद से नाटकीय रूप से वीगर मुस्लिमों और अन्य जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रही है।’

पॉम्पियो ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह नरसंहार अभी भी चल रहा है जो चीन सरकार द्वारा वीगरों को ख़त्म करने के लिए एक व्यवस्थित प्रयास है। चीन के पश्चिम में घट रही यह घटना गंभीर और दुखद है। यहां जबरन नसबंदी और गर्भपात के लिए मज़बूर किया जाता है- एक ऐसी घटना जो इस दुनिया में लंबे समय से नहीं देखा गया है।’

चीन में विगरों के साथ नरसंहार को लेकर पूछे गए सवाल पर बाइडन प्रशासन के होने वाले विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सहमति जताई की चीन वीगर मुसलमानों का नरसंहार कर रहा है। इससे पहले बाइडन कैंपेन भी चीन के दमनकारी रवैये की आलोचना कर चुका है। बाइडन कैंपेन ने वीगर मुसलमानों के ख़िलाफ चीन के इस रवैये को पहले ही ‘नरसंहार’ बता चुका है। बाइडन कैंपेन ने यह भी कहा था ‘बाइडन सरकार चीन के इस दमनकारी रवैये के ख़िलाफ़ है।’

हाल ही में पत्रकारों और एनजीओ द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि चीन वीगरों के ख़िलाफ एक ‘स्वीपिंग अभियान’ चला रहा है। इसको लेकर दुनियाभर में चीन की आलोचना भी हुई थी। जानकार मानते हैं कि माइक पॉम्पियो का बयान चीन पर अप्रत्याशित अतंरराष्ट्रीय दबाव डालने में अहम साबित हो सकता है। यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शिंजियांग में मानवाधिकरों की स्थिति को लेकर लगातार हमलावर रहे हैं। हालांकि चीन में जारी मानवाधिकार की स्थिती को लेकर भारत ने चुप्पी साध रखी है।

शिंजियांग पर चीन का पक्ष

चीन, मानवाधिकार हनन के इन अतंरराष्ट्रीय आरोपों को लगातार नकारता रहा है। चीन का कहना है कि वो पश्चिम प्रांत शिंजियांग में अलगाववाद, अतिवाद और आतंकवाद से लड़ रहा है। चीन का कहना है कि इससे लड़ने के लिए उसने कैंप बनाए हैं और यह एक ज़रूरी क़दम है। शिंजियांग में वीगरों की आबादी एक करोड़ से ज़्यादा है।

वीगरों के मानवाधिकार के लिए अभियान चला रहे लोगों का कहना है कि, चीन वीगर संस्कृति को ख़त्म करने की कोशिश कर रहा है और मुसलमानों को सूअर के मांस और शराब पीने पर मजबूर किया जा रहा है। हालांकि चीन ने इन सभी आरोपों को ख़ारिज किया है।

ताज़ा वीडियो