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मुंबई पॉवर ग्रिड फेल्यर के पीछे चीन, अब वैक्सीन कंपनियों को बना रहा निशाना: रिपोर्ट

by GoNews Desk 1 month ago Views 1317

China behind Mumbai power grid failure, now target
चीन, भारत पर लगातार साइबर हमले की कोशिश कर रहा है। साइबर इंटेलिजेंस फर्म ‘साइफर्म’ ने यह दावा किया है। साइफर्म के मुताबिक़ चीनी सरकार समर्थित हैकिंग ग्रुप भारतीय वैक्सीन कंपनियों के आईटी सिस्सटम को लगातार निशाना बना रहा है। भारत ने कई देशों को कोरोना वैक्सीन सप्लाई की है, इससे भारत की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया में बिकने वाले 60 फीसदी वैक्सीन का उत्पादन भारत ने ही किया है।

सिंगापुर और टोक्यो स्थित गोल्डमैन सैक्स समर्थित साइबर इंटेलिजेंस फर्म ‘साइफर्म’ ने कहा कि चीनी हैकिंग ग्रुप APT10 या स्टोन पांडा भारतीय वैक्सीन कंपनियों को निशाना बना रहा है। साइफर्म का कहना है कि उसकी टीम ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट के आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर में अंतराल और कमज़ोरियों की पहचान की थी। 


ब्रिटिश विदेशी खुफिया एजेंसी एमआई6 के साथ काम कर चुके साइफर्म के मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश के मुताबिक़ चीन ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वो भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के डेटा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि चीन समर्थित हैकिंग ग्रुप APT10 सीरम इंस्टीट्यूट को लगातार कई दिनों से निशाना बना रहा था। 

उन्होंने हैकर्स की टीम के हवाले से बताया है कि सीरम इंस्टीट्यूट के मामले में कई कमज़ोर वेब सर्वर दिखाई पड़े हैं। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय ने इसपर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने भी साइफर्म के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

पॉवर ग्रिड फेल्यर के पीछे भी चीन ?

इतना ही नहीं पिछले साल 12 अक्टूबर को मुंबई के एक बड़े हिस्से में पॉवर ग्रिड फेल हो गया था। इस मामले का अब खुलासा हो रहा है। हाल ही में अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी कंपनी रिकॉर्डेड फ्यूचर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि चीनी सरकार से जुड़े एक समूह के हैकर्स ने मैलवेयर के ज़रिए भारत के महत्वपूर्ण पॉवर ग्रिड को निशाना बनाया था। रिपोर्ट के मुताबिक़ रेडएको नाम के एक हैकिंग ग्रुप ने भारतीय पावर सेक्टर को अपना निशाना बनाया।

सोमवार को अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद फ्रैंक पालोन ने बाइडन प्रशासन से अपील की कि भारत के पॉवर ग्रिड पर चीनी साइबर हमले के मामले में वो भारत का पक्ष लें। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘अमेरिका को अपने रणनीतिक साझेदार का साथ देना चाहिए और भारत के पॉवर ग्रिड पर चीन के ख़तरनाक हमले का विरोध करना चाहिए। इस हमले के महामारी के दौरान अस्पतालों में बिजली कट गई और उन्हें जेनेरेटरों का सहारा लेना पड़ा।’ उन्होंने लिखा, ‘हम चीन को ताकत और धमकी के बल पर इलाक़े में प्रभुत्व कायम नहीं करने दे सकते।’

हालांकि इसपर केन्द्र सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सोमवार को भारतीय विद्युत मंत्रालय ने साइबर हमले के बार में कहा था कि इसका कोई असर नहीं पड़ा है। मंत्रालय ने कहा कि जिस ख़तरे की बात रिपोर्ट में की गई है उसके बारे में पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कोऑपरेशन के काम पर कोई असर नहीं पड़ा। इस तरह की घटना से न तो कोई डेटा लॉस हुआ है, न ही डेटा चुराया गया है। मंत्रालय ने न तो चीनी साइबर हमले का ज़िक्र किया और न ही मुंबई पॉवर ग्रिड के फेल्यर का। 

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